पडरौना। बदलते मौसम, बारिश और बढ़ते प्रदूषण के असर से शहर में सर्दी, जुकाम और बुखार के अलावा त्वचा संबंधी बीमारियाें में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। मेडिकल कॉलेज समेत प्राइवेट अस्पतालों में रोजाना बड़ी संख्या में त्वचा रोगी पहुंच रहे हैं। इससे ओपीडी पर दबाव बढ़ गया है। मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और कई मामलों में लक्षण गंभीर होने के बाद ही लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं।
अस्पताल में इन दिनों खुजली, दाद, फंगल इंफेक्शन, त्वचा पर चकत्ते और एलर्जी के मामलों में ज्यादा आए हैं। नमी और पसीना त्वचा रोगों को बढ़ावा दे रहे हैं, जबकि प्रदूषण और मौसम में उतार-चढ़ाव एलर्जी को ट्रिगर कर रहे हैं। इसके साथ ही सर्दी, जुकाम और वायरल बुखार के मरीज भी बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं। मरीजों को भी इन समस्याओं के चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के जगदीशपुरम निवासी सावित्री मिश्र ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से त्वचा पर खुजली और लाल चकत्ते हो गए हैं, जिससे रात में सोना तक मुश्किल हो गया है। वहीं कसया क्षेत्र के मदनपुर निवासी बृजेश तिवारी ने बताया कि उन्हें बीते सप्ताह हुई बारिश के बाद जब भी धूप में निकल रहे हैं तो शरीर में चुनचुनाहट होने लग रही है। डॉक्टर को दिखाया हूं। उन्होंने फंगल इंफेक्शन बताया है। मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता यादव ने बताया कि मौसम में नमी और तापमान में बदलाव के कारण त्वचा रोग तेजी से फैल रहे हैं। अक्सर लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे संक्रमण बढ़ जाता है। उन्होंने सलाह दी कि त्वचा को साफ और सूखा रखें, पसीने के बाद कपड़े बदलें और संक्रमण के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें।