पिपरा बाजार। सोमवार की शाम सूर्यनगर बाजार में गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित करने की मांग को लेकर नाराजगी जताते हुए किसानों ने गन्ना के साथ मुख्यमंत्री का पुतला जलाया।
इस दौरान सरकार विरोधी नारे भी लगाए गए।
इस मौके पर हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारी भी मौजूद थे। रामकोला की पंजाब चीनी मिल में गन्ना पेराई चालू हुए एक महीने से अधिक हो गए हैं, लेकिन किसानों की पर्चियों पर मूल्य नहीं दर्शाया जा रहा है।
इस वर्ष किसान गन्ना मूल्य बढ़ाए जाने की उम्मीद कर रहे थे। सोमवार को सूर्यनगर बाजार में विवेकानंद तिवारी, श्रवण कुमार दीक्षित, ध्रुव राय, प्रमोद कुशवाहा, फुलगेन कुशवाहा, ओमप्रकाश, राजकुमार, पंकज आदि किसानों ने गोरखनाथ मिश्र की अध्यक्षता में बैठक की।
बैठक में मुख्य मुद्दा गन्ने का मूल्य बढ़ाना और प्राकृतिक आपदा से नष्ट फसलों की एवज में मिलने वाली राहत राशि प्रभावित किसानों को उपलब्ध कराना था।
गोरखनाथ मिश्र ने कहा कि चुनाव पूर्व सपा नेताओं ने गन्ना मूल्य बढ़ाने का वादा किया और सत्ता हासिल करने में सफल रहे। सरकार बनने के बाद किसानों की समस्याओं से वायदे करने वालों ने मुंह फेर लिया।
पेराई सत्र चालू होने के बाद किसानों को बीते सत्र का बकाया गन्ना मूल्य मिल सका जबकि उनके कई जरूरी काम नहीं हो सके।
कृष्ण कुमार तिवारी ने कहा कि बीते रबी में गेहूं की पैदावार बेहद कम हुई और किसान आर्थिक समस्याओं से घिरे हैं। प्रशासन की ओर से राहत राशि देने का कार्य शुरू हुआ लेकिन अभी भी बहुत से किसान वंचित हैं।
बैठक के बाद लोग रामकोला मोड़ पर पहुंचे। वहां सरकार विरोधी नारे लगाते हुए हियुवा कार्यकर्ताओं और किसानों ने मुख्यमंत्री का पुतला और गन्ना जलाया ।