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Kushinagar News: चकबंदी दफ्तर से जुड़े फर्जीवाड़े के तार, बेनकाब होंगे जिम्मेदार

Mon, 03 Aug 2026 01:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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कुशीनगर। तमकुहीराज, खड्डा, पडरौना व हाटा तहसील की सरकारी जमीनों पर फर्जी तरीके से कागजात तैयार कर नाम दर्ज कराने के खेल में चकबंदी कार्यालय की मुख्य भूमिका बताई जा रही है।
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यहां से गलत तरीके से जारी परवाना के आधार पर तहसील के मालिकाना रजिस्टर में जालसाज नाम दर्ज कराते रहे। सबसे पहले मामला खड्डा तहसील में पकड़ा गया था। इसमें मास्ट माइंड नाटे का नाम सामने आया था, लेकिन वह कार्रवाई की जद में नहीं आया।
वहीं, तमकुहीराज तहसील में 100 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन पर नाम दर्ज कराने में टीपू का अहम रोल रहा है। इस खेल से रिकार्ड रूम और तहसील के कर्मचारी अंजान नहीं रहे, लेकिन उनकी चुप्पी से जालसाज अपने मंसूबे में सफल हो गए।
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हाटा तहसील के पट्टन और सोनबरसा में करीब 100 एकड़ सरकारी जमीन पर जालसाजों ने एसओसी (बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी) कार्यालय की मिलीभगत से नाम दर्ज करा लिया है। उस पर कुछ लोग आवास का निर्माण करा लिए हैं, बाकी लोग खेती कर रहे हैं। शिकायत मिलने पर डीएम ने एडीएम वित्त एवं राजस्व के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच कराई। पता चला कि एसओसी कोर्ट की मिलीभगत से राजस्व अभिलेख में फर्जीवाड़ा हुआ है।
इसके पहले गोरखपुर चकबंदी कार्यालय से फर्जी परवाना जारी करा नदी उस पार की 50 एकड़ से अधिक जमीन पर अभिलेख में नाम दर्ज करा लिया गया था। गोरखपुर में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई। उस मामले में खड्डा तहसील में तैनात आरके (रजिस्ट्रार कानूनगो) को निलंबित कर कार्रवाई की इतिश्री कर ली गई। जबकि, तहसीलदार, नाजिर समेत कई लोगों की भूमिका संदिग्ध मिली थी।
तमकुहीराज तहसील के पांच से अधिक गांवों और दुदही नगर पंचायत में 100 एकड़ से अधिक जमीन के फर्जीवाड़ा में तहसीलदार महेश कुमार ने 10 नामजद और 30 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसकी जांच अभी चल रही है। पडरौना शहर में भी इस तरह का फर्जीवाड़ा हो चुका है। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष के बेटों समेत कई लोगों पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
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