पांच परियोजनाओं पर बिना कार्य कराए ही 6.45 लाख रुपये का भुगतान करने वाले दुदही ब्लॉक के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई में अब और तेजी आ गई है। यह प्रकरण संज्ञान में आने के बाद डीएम ने डीडीओ और वरिष्ठ कोषाधिकारी को जांच अधिकारी नामित करते हुए एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा सीडीओ ने भी दुदही के बीडीओ से जवाब तलब किया है।
दुदही क्षेत्र में खड़ंजा, मिट्टी कार्य, नाली और पुलिया निर्माण के नाम पर राज्यवित्त के 6.45 लाख रुपये मार्च में बिना काम शुरू कराए ही भुगतान कर दिए गए थे। यह भुगतान कार्य प्रभारी और जेई की संस्तुति पर कि या गया था। जब वित्तीय वर्ष खत्म होने का समय आया और ब्लॉक प्रमुख का कार्यभार बदला तो आननफानन में सामग्रियों की आपूर्तिकर्ता फर्म से रुपये वापस करा लिए गए। ये कार्य दुदही क्षेत्र के विजयपुर दक्षिणपट्टी, विजयपुर उत्तरपट्टी, पडरौन मडुरही और दुदही में कराए जाने थे।
इस खबर को अमर उजाला ने 28 मार्च के अपने अंक में ‘बिना काम शुरू हुए ही कर दिया 6.45 लाख का भुगतान’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उसके बाद ब्लॉक के अधिकारी हरकत में आए थे और जेई एवं कार्य प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। ब्लॉक के अधिकारियों-कर्मचारियों की माने तो इन पांचों परियोजनाओं के अभिलेख देखने के लिए जेई मार्च में ही अपने साथ ले गए, लेकिन कई बार लिखित और मौखिक निर्देश देने के बाद भी नहीं लौटा रहे, जिस पर लिपिक ने जेई के विरुद्ध थाने में तहरीर दे दी। इसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम शंभू कुमार ने डीडीओ बीके पाठक और वरिष्ठ कोषाधिकारी उमेश कुमार उपाध्याय को जांच अधिकारी नामित करते हुए एक सप्ताह के अंदर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। डीडीओ बीके पाठक ने बताया कि एक हफ्ते में जांच कर रिपोर्ट देनी है। जांच में जो स्थिति सामने आएगी, उसकी रिपोर्ट अधिकारियों को दे दी जाएगी।
सीडीओ केदारनाथ सिंह ने कहा कि इस बारे में दुदही के बीडीओ से रिपोर्ट तलब की गई है। रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई
की जाएगी।