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Kushinagar News: खाद की दुकान बंद हुई तो अस्पताल में किया काम..फिर खोल लिया हॉस्पिटल

Sun, 17 Aug 2025 01:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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कुशीनगर। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के कोटवा चौराहा पर पथरी के ऑपरेशन के दौरान किडनी निकालने के प्रकरण में पुलिस आरोपियों के करीब पहुंच गई है। शनिवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. आरडी कुशवाहा के नेतृत्व में जांच के लिए टीम पहुंची। अस्पताल का रजिस्ट्रेशन करीब एक माह पूर्व डॉ. विवेक के नाम पर हुआ है।
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डिप्टी सीएमओ ने डॉ. विवेक से संपर्क करने का प्रयास किया, घंटी गई इसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। वहीं पीड़ित अलाउद्दीन को पुलिस घर से सीओ के पास पूछताछ करने के लिए ले गई और बयान भी दर्ज किया। आरोपी अस्पताल संचालक इमामुद्दीन पहले खाद की दुकान चलाता था, किसी कारण से दुकान बंद हो गई तो वह कप्तानगंज, कोटवा के एक निजी अस्पताल में काफी दिनों तक डॉक्टरों के साथ रहकर काम किया।
इसके बाद कोटवा में अस्पताल खोल दिया। इसके पूरे घटनाक्रम में आरोपी संचालक के बेटे का नाम भी सामने आ रहा है, लेकिन पुलिस अभी कुछ कहने से परहेज कर रही है। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के रामपुर गांव के उपाध्याय टोला निवासी अलाउद्दीन के पेट में 4 अप्रैल 2025 को दर्द हुआ तो वह महराजगंज जिले के एक निजी अस्पताल में इलाज कराया, अल्ट्रासाउंड के दौरान किडनी में पथरी निकली।
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डॉक्टर ने ऑपरेशन करने की बात कही। इसके बाद अलाउद्दीन घर आ गया और रुपये का इंतजाम कर महराजगंज जा रहा था। इस दौरान उसकी मुलाकात तार मुहम्मद से हुई। उसने बेहतर इलाज का झांसा देकर अलाउद्दीन को न्यू लाइफ केयर हॉस्पिटल पर ले गया, जहां इसका ऑपरेशन हुआ। पीड़ित अलाउद्दीन का आरोप है कि संचालक इमामुद्दीन ही ऑपरेशन किया था,तबीयत बिगड़ने के बाद उसे गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया, वहां आराम नहीं होने पर लखनऊ राम मनोहर लोहिया अस्पताल में रेफर डॉक्टरों ने कर दिया, जहां उसका इलाज हुआ।
इसमें पता चला कि अलाउद्दीन की किडनी निकाल ली गई है। अलाउद्दीन जांच रिपोर्ट के साथ पुलिस को तहरीर दिया, पुलिस इस मामले में तार मुहम्मद, अस्पताल संचालक इमामुद्दीन के खिलाफ नेबुआ नौरंगिया पुलिस ने केस दर्ज किया। शुरूआती जांच में सीएचसी अधीक्षक पहुंंचे तो पता चला कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नहीं है, शनिवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. आरडी कुशवाहा पहुंचे तो अस्पताल का रजिस्ट्रेशन करीब एक माह पूर्व होने की डा. विवेक कुमार के नाम पर बात कही, उन्होने डॉ. विवेक से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।
इसके चलते संपर्क नहीं हो सका,केस दर्ज होने के बाद से अस्पताल बंद कर संचालक फरार है, उसका अभी तक पता नहीं चल सका है। वहीं पुलिस पीड़ित को उसके घर से बृहस्पतिवार को अपने साथ वाहन से बयान दर्ज करने के लिए ले गई। निजी अस्पताल के आस-पास के दुकानदार व लोगों ने बताया कि आरोपी इमामुद्दीन पहले खाद की दुकान चलाता था, बीच में दुकान बंद हो गई तो वह निजी अस्पतालों में काम करता था, इसके बाद अपना अस्पताल खोल लिया।
हाल ही में अस्पताल का रजिट्रेशन कराया था डॉ. विवेक कुमार के नाम से जो एमबीबीएस हैं, डिप्टी सीएमओ की जांच में पता चला कि डॉ. विवेक कुमार आते नहीं हैं, खुद इलाज करता था, इसका एक बेटा नीट की तैयारी करता है। पूरे अस्पताल का संचालन वहीं करता है, सूत्रों की मानें तो इमामुद्दीन अपने अस्पताल के अलावा दूसरे अस्पतालों में भी ऑपरेशन करने जाता है।
करीब छह माह पूर्व एक बार कप्तानगंज के एक अस्पताल में ऑपरेशन करने गया था। विवाद बढ़ने पर किसी ने पुलिस को सूचना दे दिया, मौके पर पुलिस पहुंची तो भाग गया। इसकी गाड़ी को पुलिस थाने में ले गई थी, लेकिन कोटवा बाजार में दवा की दुकानदार चलाने वाला इसका रिश्तेदार गया और मामला मैनेज कर चार पहिया गाड़ी अपनी बताकर छुड़ा लाया। दवा विक्रेता आरोपी संचालक का रिश्तेदार है, इस खेल के पीछे इसका भी हाथ बताया जा रहा है।
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