पडरौना। जिले में जल जीवन मिशन (ग्रामीण) के तहत हर घर नल जल पहुंचाने के लिए गांवों में करोड़ों रुपये खर्च कर ओवरहेड टैंक नवनिर्मित करा दिए गए, लेकिन काम मुकाम तक नहीं पहुंच सका। कहीं काम अधूरे हैं तो कहीं नवनिर्मित ओवरहेड टैंक चालू होने की राह देख रहे हैं। कई जगहों पर पाइपलाइन का काम पूरा नहीं है। कुछ जगहों पर पाइपलाइन बिछा दी गई। टेस्टिंग में लीकेज होने लगा तो सप्लाई रोक दी गई। उसे अब तक ठीक नहीं कराया जा सका है। कई स्थानों पर काम पूरा मानकर जैसे ही आपूर्ति शुरू की गई। पाइपलाइन फटने और लीकेज की समस्या उत्पन्न हो गई। कुछ घरों तक इस योजना का पानी घरों तक पहुंचा तो वहां लो प्रेशर का संकट है।
जल निगम (ग्रामीण) के मुताबिक, वर्तमान में 904 गांवों के हर घर को नल जल से जोड़कर पानी आपूर्ति के लिए 454 ओवरहेड टैंक बनाए जाने हैं, लेकिन इनमें से 233 निर्माणाधीन हालत में हैं। विभाग को अब तक 183866.40 लाख के सापेक्ष 107927.77 लाख रुपये अवमुक्त किए गए हैं। 454 नलकूप के लक्ष्य के सापेक्ष 453 के काम करीब पूरे हो चुके हैं। पेयजल वितरण के लिए 6,458 किमी पाइपलाइन के कार्य में से 6,289 किमी का काम चालू है। 454 पंप हाउस के जगह 442 पंप हाउस के काम पूरे कराए जा रहे हैं। चहारदीवारी 454 की जगह 361 की करीब पूरी हो चुकी है। 350 सोलर के सापेक्ष 324 पर लगाने का काम हो रहा है। 3,34,718 कनेक्शन के लक्ष्य के सापेक्ष 3,19,046 कनेक्शन दे दिए गए हैं। वहीं, 904 गांवों में अब भी सिर्फ 573 गांवों को ही पेयजल की आपूर्ति का काम तेजी पर है।
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पेयजल योजना को धरातल पर उतारकर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। जिले में जहां भी परियोजना से जुड़े काम अधूरे पड़े हैं, उन्हें जल्द पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारों को निर्देश दिए गए हैं। -आतिफ हुसैन,अधिशासी अभियंता,
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12 वर्षों से तैयार है ओवरहेड टैंक
पडरौना। कसया ब्लॉक क्षेत्र के भैंसहा गांव के नौका टोला में जल जीवन मिशन के तहत वर्षों से ओवरहेड टैंक बनकर तैयार है। लेकिन इस गर्मी के मौसम में भी गांव के लोगों को पेयजल मयस्सर नहीं हो पा रहा है।इसकी वजह यह है कि ओवरहेड से पानी की आपूर्ति चालू ही नहीं हो पाई है। हालांकि यहां हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए विभाग ने करोड़ों रुपये खर्च कर पाइपलाइन का काम पूरा करा चुका है। इसके बावजूद पानी की आपूर्ति नहीं हो रही हो पा रही है। गांव के विपिन, लालबहादुर, मैनेजर, रामभरोसा, राजेंद्र, विनोद, संजय, जगदीश, हरिहर ने बताया कि महीनों पहले पाइपलाइन से आपूर्ति शुरू हुई थी। जगह-जगह लीकेज होने लगा था। तब से आज तक कोई जिम्मेदार इसे ठीक कराने के लिए आगे नहीं आए और न ही पानी की आपूर्ति हो पाई।
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ओवरहेड टैंक के नवनिर्माण के बाद सपना था कि अब हर घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति होगी। लेकिन यह सपना अब तक पूरा नहीं हो पाया है। इसकी वजह विभागीय लापरवाही सामने आ रही है। जगह-जगह पाइपलाइन में लीकेज है,इसे ठीक नहीं कराया जा रहा है,जिसकी वजह से पानी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। मौजूदा समय में देशी हैंडपंप व आरओ वाटर प्लांट से खरीदकर पी रहे हैं। -रामभरोसा,नौका टोला,भैंसहा
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पेयजल के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च तो कर दिए हैं लेकिन उसका गांव के लोगों को कोई फायदा नहीं हो रहा है। पहले जैसे ही हालात बनी हुई है। कुछ महीने पहले पानी आपूर्ति के लिए ओवरहेड चालू किया गया था लेकिन कई जगहों पर लीकेज होने पर बंद कर दिया गया,तब से मरम्मत नहीं कराया गया। चौराहे पर देशी हैंडपंप लगाकर पानी पी रहे हैं। राजेंद्र, पकड़ीहवा,भैंसहा
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10 वर्ष बीत गए,नहीं हुआ पेयजल की आपूर्ति
सुकरौली। ब्लॉक परिसर में ओवरहेड टैंक पानी के बिना सूखा पड़ा हुआ है। हालात यह है कि इस ओवरहेड टैंक से पानी की आपूर्ति के लिए वर्षों से लोग तरस रहे हैं लेकिन विभाग को फुर्सत नहीं है कि इससे आपूर्ति चालू कराए। शुद्ध पेयजल आपूर्ति को लेकर हालात ठीक नहीं हैं। लोगों का कहना है कि पेयजल आपूर्ति के लिए आठ जगहों पर सार्वजनिक टोली लगाई गई थी। जांच के बाद खराब हो गई, तब से आज तक किसी ने इसे ठीक कराए जाने के लिए कोई ध्यान नहीं दिया। जितेंद्र राजभर ने बताया कि इससे बंचरा रोड,गनेशपुर रोड, ब्लाॅक परिसर व बाजार में सप्लाई दी जानी थी। कुछ दिन बाद ही बंद हो गया। जो अब तक चालू नहीं हो सका। वीरेंद्र कुमार ने बताया कि करीब 12 वर्षों से खराब पड़ी व्यवस्था को ठीक कराए जाने के लिए किसी ने कोई सुधि नहीं लिया है। जिसका नतीजा है गर्मी के मौसम में भी लोग खरीदकर पानी पीने को मजबूर हैं। विभाग और सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
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पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के 44 गांवों में ओवरहेड टैंक निर्माण और 30 गांवों में पंप से जलापूर्ति का दावा धरातल पर नहीं दिखाई दे रहा है।
क्षेत्र के सौरहा खुर्द, सौरहा बुजुर्ग, कलवारी पट्टी, खानुछपरा, पिपरा वर सिवान, पिपरा बुजुर्ग, पिपरा खुर्द, ढोलहा, कोहर गड्डी सहित 44 गांवों में ओवरहेड टैंक निर्माण अधूरा पड़ा है। सौरहा खुर्द निवासी रमायन पटेल ने कहा कि करीब दो माह पहले पेयजल की आपूर्ति आरंभ हुई थी,अब पूरी तरह बंद है। प्रत्येक महीने करीब छह सौ रुपये पानी पर खर्च कर रहे हैं।
पिपरा वर सिवान गांव निवासी राकेश मोहन ने कहा कि पानी टंकी निर्माण अधूरा है। पिपरा खुर्द गांव के रविंद्र पांडेय ने कहा कि पाइप लाइन बिछाने के बाद पंप से आपूर्ति शुरू हुई थी लेकिन लीकेज के बाद जलापूर्ति पूरी तरह ठप है।
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अफसरों ने किया था दौरा
नेबुआ नौरंगिया ब्लाक क्षेत्र के गुलहरिया गांव में नवंबर 2025 में तीन और पिपरा खुर्द गांव में दिसंबर 2025 में दो बच्चों की मौत बुखार से हुई थी। मौत के बाद कमिश्नर गोरखपुर व राज्य स्तरीय टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा किया था। इसके बावजूद गांवों में पेयजल की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
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18 करोड़ से बने ओवरहेड टैंक सूखे
जल निगम ग्रामीण ने हर घर स्वच्छ जल धारा योजना के तहत महुअवा में 2004, कुर्मी पट्टी में 2016, मड़ार विंदवलिया में 2012, सेखुई खास में 2014,पकड़ियार में 2014, हरपुर माफी में 2014 में ओवरहेड टैंक बनाए गए थे। इनसे अब तक पानी की आपूर्ति नहीं शुरू हो पाई है।
कसया क्षेत्र के भैंसहा सदर गांव के नौका टोला स्थित ओवरहेड टैंक।संवाद- फोटो : samvad