पडरौना। वाल्मीकि नगर बैराज से छोड़े जा रहे पान के चलते बड़ी गंडक नदी के जल स्तर में लगातार वृद्धि से बांध के स्परों और ठोकरों पर दबाव बढ़ गया। नदी का पाट चौड़ा होने से दबाव के बावजूद कटान नहीं हो रहा है लेकिन स्पर और नोज पानी की धारा में विलीन होते जा रहे हैं। एपी बांध के किमी 14.500 पर बने 15 मीटर लंबे स्पर के नोज का आधा भाग पानी में समा गया। ऐसे ही एपी बांध और नरवाजोत बांध के विभिन्न स्थानों पर बने स्पर और ठोकरों सहित स्पर के एप्रन पानी में डूब चुके हैं। डिस्चार्ज के चलते जगह-जगह पानी की तेज धारा उलट प्रवाह के चलते बांध और नदी के बीच की जगह को अपने आगोश में लेती जा रही है। इन भागों में किसानों के गन्ने की फसल है, जिसे नदी अपनी धारा में बहा ले जा रही है। किसान दीनानाथ सिंह ने कहा कि पानी बढ़ने के कारण नदी दोनों तरफ खेतों में फसल भी नदी के तेज जलप्रवाह के चलते बह रहा है। एपी बांध के ठोकर नंबर चार वीरवट कोन्हवलिया के पास बांध से सटकर तेज गति से बह रही है वहीं नरवाजोत बांध के बने स्पर उसके नोज पर भी दबाव है। पिपराघाट के आधा दर्जन टोलों पर खतरा मंडरा रहा है।
एसडीओ दीप रतन सिंह ने कहा कि बांध पूरी तरह सुरक्षित है। स्पर और नोज दबाव में है। नोज कितना लांच हुआ यह पानी कम होने पर ही मालूम हो सकेगा। उन्होंने कहा कि नदी की जल धारा में वृद्धि के बावजूद भी बांध पर कोई खतरा नहीं है।