कुशीनगर। सोमवार को दोपहर बाद गंडक नदी के जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। शाम चार बजे वाल्मीकिनगर बैराज से 1.97 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जलस्तर बढ़ने से रेता क्षेत्र के एक दर्जन गांवों के अलावा सेवरही ब्लॉक के पिपराघाट के कई पुरवे भी बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। एपी तटबंध पर भी नदी का दबाव बढ़ गया है।
शनिवार से ही गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। रविवार की सुबह नदी का डिस्चार्ज 172200 क्यूसेक हो गया था। इसके चलते खड्डा रेता क्षेत्र के गांव हरिहरपुर, नरायनपुर, शाहपुर, बकुलादह, मरिचहवा, विंध्याचलपुर आदि गांवों के चारों तरफ नदी का पानी जमा हो गया है। रविवार की शाम को भी डिस्चार्ज 1.72 लाख क्यूसेक ही था। उस वक्त नदी छितौनी बांध के भैंसहा गेज पर चेतावनी बिंदु से 35 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। जलस्तर बढ़ने का असर रात में ही सेवरही क्षेत्र के पिपराघाट पर दिखने लगा। इस गांव के शिव टोला, चौकी टोला, इमिलिया टोला, हनुमान टोला, देव नारायन टोला, मुसहरी टोला आदि के चारों तरफ भी बाढ़ का पानी भर गया। सोमवार की सुबह डिस्चार्ज में 6 हजार क्यूसेक की कमी आई। परंतु दोपहर बाद फिर पानी तेजी से बढ़ने लगा। दोपहर दो बजे डिस्चार्ज 1.80 लाख क्यूसेक और शाम चार बजे 1.97 लाख क्यूसेक हो गया। इससे रेता क्षेत्र की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।