सड़क जाम कर रहे लोगों को समझाते अधिकारी। संवाद
बोदरवार। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बोदरवार गांव निवासी घर से लापता शुभम की मौत मामले में हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों के साथ गांव वालों ने बुधवार को सड़क जाम कर दिया।
इसकी वजह से गोरखपुर से कप्तानगंज जाने वाली सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर आई पुलिस ने जाम खत्म कराने का प्रयास किया। पुलिस व लोगों के बीच नोंकझोंक हुई और पुलिस बैकफुट पर आ गई। करीब साढ़े तीन घंटे प्रदर्शन के बाद सीओ कुंदन सिंह और नायब तहसीलदार एकता त्रिपाठी पहुंचीं और दो दिन के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, इसके बाद जाम खत्म हुआ। बोदरवार गांव निवासी शैलेंद्र मोदनवाल का इकलौता 18 वर्षीय बेटा शुभम मोदनवाल को 21 जून को बाइक सवार दो युवक दुकान से बैठाकर ले गए और वह घर नहीं लौटा। पिता ने दूसरे दिन गुमशुदगी कप्तानगंज थाने में दर्ज कराया। 23 जून को हाटा कोतवाली क्षेत्र के बलेसर चौराहा के पास विशुनपुरा गांव में नहर में लाश मिली।
घर वाले हत्या आरोप लगाते हुए केस दर्ज करने की मांग उसी दिन पुलिस से किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक की मौत की पुष्टि पानी में डूबने से हुई। पुलिस गुमशुदगी के मामले में अभी कोई धारा नहीं बढ़ाई है। बोदरवार कस्बे में लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज पुलिस खंगाल रही है और शुभम के मोबाइल का सीडीआर निकाल कर जांच में जुटी है, लेकिन शुभम को ले जाने वाले बाइक सवार कौन थे, उनकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।
इससे नाराज शुभम के परिजनों के साथ कस्बे के लोग दिन में एक बजे घर के सामने सड़क जाम कर दिए और हाथ में शुभम का फोटो लेकर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। सड़क जाम की सूचना पर आई पुलिस ने जाम खत्म कराने का प्रयास की, लेकिन लोग नहीं माने और पुलिस ने कहासुनी करने लगे। इसके बाद कप्तानगंज, अहिरौली बाजार, हाटा और रामकोला थाने की पुलिस भी पहुंच गई।
शाम को 4.30 बजे कसया सीओ कुंदन सिंह, कप्तानगंज के नायब तहसीलदार एकता त्रिपाठी पहुंची और सड़क जाम करने वाले लोगों से बात की। सीओ ने दो दिन के अंदर बाइक सवारों का पता लगाने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने जाम खत्म किया। सड़क जाम होने से राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।