तेंदुआ की तलाश में वन विभाग की टीम।स्रोत-सोशल मीडिया
खडडा। क्षेत्र के सिसवा गोपाल समेत सात से ज्यादा गांवों के सरेह में वन विभाग तेंदुआ की तलाश में पांच दिन से जुटा हुआ है। तमाम कोशिश के बावजूद कोई सुराग नहीं लग सका है। महराजगंज की सीमा में चले जाने के अनुमान के बावजूद लोग सरेह में गन्ना छिलाई सहित अन्य कृषि कार्य हेतु जाने से सहम रहे हैं। इससे कार्य प्रभावित हो रहा है।
सिसवा गोपाल, सारंग छपरा, सोहरौना, बंजारी पट्टी, मदनपुर सुकरौली, गैनही जंगल,चमरडीहा, सोनबरसा आदि किसानों की खेती उसी क्षेत्र के आसपास है, जहां शुक्रवार की सुबह तेंदुआ दो लोगों को घायल कर जाल फाड़कर भाग निकला था। किसान मुरारी प्रसाद, फकरूद्दीन, दिनेश कुमार, राजकुमार, इंद्रेश भारती आदि बताते हैं कि गन्ने का घना इलाका होने से भय बना हुआ है कि कहीं खेत से निकलकर अचानक हमला न कर दे।
खेती का कार्य कुछ प्रभावित हो रहा है। गन्ने की छिलाई के लिए मजदूर सरेह में जाने से मना कर दे रहे हैं।
गांव वालों ने मांग किया कि सरेह में गन्ने को खाली करने हेतु प्राथमिकता पर चीनी मिल की ओर से पर्ची दिया जाय। खेत खाली होगा तो तेंदुआ आसानी से दिखाई देगा। लोगों ने कहा कि यहां ऐसे हालात से निपटने हेतु कर्मचारियों को संसाधन मुहैया कराया जाना जरूरी है। वन दरोगा सदानंद यादव ने बताया कि तेंदुआ का पता नहीं चल पाया है। वर्तमान में तीन टीम रात व दिन कांबिंग कर रही है। लोगों को सतर्क रहने हेतु जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।