पडरौना। गांवों में मनरेगा से हुए कार्यों का सोशल ऑडिट करने के लिए ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (बीआरपी) के 18 पदों की भर्ती में धांधली का मामला सामने आया है। इसकी शिकायत उत्तर प्रदेश शासन के निदेशक सोशल ऑडिट और डीएम विशाल भारद्वाज तक पहुंची हैं।
नियम को दरकिनार कर लोगों को रखने के लिए जिम्मेदारों के मातहतों ने मोटी रकम की वसूली की है। इतना ही नहीं विकास भवन में प्रमुख अफसरों के यहां तैनात कर्मचारियों ने अपने रिश्तेदारों और भाइयों तक का चयन करा दिया है। सिस्टम फाॅलो करने और रकम लेकर वापस करने का ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। डीएम ने जांच कराने के बाद चयन प्रक्रिया में धांधली करने वालों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
जिले के मोतीचक क्षेत्र के सोनिया गांव निवासी व्यासमुनि तिवारी ने सोशल ऑडिट के निदेशक को शिकायती पत्र भेजा है। उन्होंने ने आरोप लगाया है कि बीते दिनों जिले के विभिन्न ब्लॉकों पर सोशल आडिट से जुड़े कार्यों को करने के लिए बीआरपी के सृजित 18 पद के सापेक्ष आवेदन मांगे गए। इसके लिए योग्य करीब 65 लोगों ने आवेदन किया था, इसमें ब्लॉक पर पहले से तैनात कर्मचारी भी शामिल थे।
व्यक्तियों ने आवेदन किया, लेकिन जिले के सोशल ऑडिट टीम से जुड़े एक व्यक्ति की मिलीभगत से इसमें धांधली की गई है। नियम को दरकिनार कर मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी ने अपने तीन रिश्तेदारों व जिला विकास अधिकारी के चालक अपने भाई व एक अन्य के अलावा तमकुहीराज ब्लॉक में तैनात एक कर्मचारी के सगे भाई की तैनाती की गई है। आरोप है कि इस पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों से मोटी रकम भी वसूली गई। जिन अभ्यर्थी का चयन नहीं हो सका उनके रुपये वापस किए गए हैं।
आरोप है कि जिले के सोशल ऑडिट टीम से जुड़े एक जिम्मेदार अधिकारियों का करीबी होने का लोगों से दावा करता है। अफसरों के नाम पर बड़े पैमाने पर रकम वसूलता है। बीआरपी पद के चयन के लिए भी जिम्मेदार ने अपनी निजी स्काॅर्पियो से घूम-घूमकर रुपयों की वसूली की है। कुछ अभ्यर्थियों से ऑनलाइन बैंक व फोन पे से रुपये वसूले और वापस किए गए है। दो कर्मचारियों से अलग-अलग बातचीत का एक ऑडियो भी वायरल हो रहा है।
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