कुशीनगर में लॉकडाउन के बाद से सब्जियों के दाम में बेतहाशा वृद्धि ने गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों की कमर तोड़ दी है। रही सही कसर औसत से कहीं ज्यादा बारिश ने पूरी कर दी है। सब्जियों के दाम में दोगुने तक की वृद्धि हुई है।
इसका परिणाम है कि सब्जियां आम आदमी की थाली से दूर होती जा रही हैं। आलू और प्याज के दाम दोगुने से अधिक बढ़ गए हैं। हरी सब्जियों का दाम सुनते ही माथे पर पसीना आ जा रहा है। इसे लेकर सब्जी विक्रेताओं और कुछ गृहिणियों से रायशुमारी की गई।
सब्जियां हों या अन्य पौष्टिक चीजें, कोरोना काल से ही इनके दाम में बेतहाशा वृद्धि हुई है। इनके दाम आसमान छू रहे हैं। व्यवसायी जहां सब्जियां महंगी होने की दुहाई दे रहे हैं, वहीं गृहणियां शाक-सब्जी के भाव सुनकर परेशान हैं। कम आमदनी वाले लोगों के लिए मनपसंद सब्जियां खाने का शौक पूरा नहीं हो पा रहा है। आलू, टमाटर, लौकी व तिरोई के भाव सुनकर ही लोग जेब टटोलने लग जा रहे हैं।
फुटकर सब्जी विक्रेता बैजनाथ का कहना है कि करीब पंद्रह दिनों पहले तक सब्जियों के भाव कम थे, लेकिन अत्यधिक बारिश से हरी सब्जियां खेत में ही सूख गईं। इसके चलते इनका दाम तेजी से बढ़ रहा है। सब्जी विक्रेता आशीष ने बताया कि बारिश की वजह सब्जियों के खेतों में पानी लग गया था। इससे खेतों में लगी सब्जियां और उनके लताएं सूख गई हैं। इन दिनों बाहर से आने वाली सब्जियां भी महंगी पड़ रही हैं।
गृहणी सीमा मिश्रा ने कहा कि हरी सब्जियों का दाम आसमान छू रहा है। इस वजह से छोटे परिवारों में भी 50 रुपये में एक समय की सब्जी मिल पा रही है। महंगाई की वजह से कम सब्जियां खरीद कर किसी तरह काम चलाया जा रहा है।
गृहणी मधु त्रिपाठी ने बताया कि हरी सब्जियों का तो सीजन समाप्त हो रहा है। इसकी वजह से महंगी होती रही है, लेकिन आलू, प्याज, लहसुन आदि की महंगाई समझ से परे है। सब्जियां महंगी होने से दाल का खर्च बढ़ गया है।
सब्जी आज का मूल्य अगस्त में दर
सब्जी दाम प्रति किलोग्राम
आलू 34-18
टमाटर 60-20
करेला 40-20
कद्दू 30-20
परवल 80-30
लौकी 30-15
भिंडी 40-10
खीरा 40-10
लहसुन 120-50
धनिया 300-150
मिर्चा 100-40
नेनुआ 40-15
गाजर 60-40