खड्डा। खड्डा थाना क्षेत्र के मरचहवा नरसंहार का मुख्य अभियुक्त दस्यु सरगना वासुदेव यादव उर्फ तिवारी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। लकवा मारने के बाद हाईकोर्ट ने उसे जमानत पर बगहा जेल से रिहा किया है। करीब 16 वर्ष से पहले बगहा जेल में बंद दस्यु को पिछले वर्ष उम्र कैद की सजा सुनाई गई गई थी। जमानत पर रिहा होने की खबर मिलते ही पुलिस चौकन्ना हो गई है।
कभी यूपी बिहार में आतंक का पर्याय रहे दस्यु सरगना वासुदेव यादव उर्फ तिवारी ने तीन जून वर्ष 1995 को बिहार के पश्चिमी चंपारण के चौतरवा थाना क्षेत्र में अपने गैंग के साथ धावा बोलकर दूसरे दस्यु सरगना राधा यादव के पिता इंद्रदेव यादव की हत्या करने के बाद गांव को जला दिया था। इस मुकदमे में पिछले वर्ष बगहा एडीजे प्रथम रविरंजन की कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी। तब से वह जेल में बंद था।
उम्रकैद से पहले वह आत्मसमर्पण कर चुका था। जेल में बंद रहने के दौरान उसको आजीवन कैद की सजा सुनाई गई थी। जेल में उसे लकवा मार दिया। इस आधार पर जमानत के लिए पटना हाईकोर्ट से इसके मुकदमे में अपील की गई थी। हाईकोर्ट पटना के जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद व रमेश चंद्र मालवीय ने जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।