कोटवा कला में हॉस्पिटल के सामने जुटी भीड़। संवाद
कोटवा बाजार। चार माह की गर्भवती महिला के पेट में दर्द होने पर एक दलाल ने उसे कोटवा कला में संचालित एक अवैध निजी अस्पताल में भर्ती कराया। तीमारदारों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही के कारण पेट में भ्रूण की मौत हो गई तो महिला की जान को खतरा बताते हुए इलाज कर रही एएनएम ने गर्भपात की बात कही। गर्भपात के दौरान अधिक रक्तस्राव होने से महिला की मौत हो गई। इससे नाराज परिजन हंगामा करने लगे तो एएनएम और अन्य कर्मचारी अस्पताल छोड़कर फरार हो गए। नाराज तीमारदारों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने नाराज लोगों को समझाकर शांत कराया। देर शाम को पहुंचे तहसीलदार ने अस्पताल संचालक पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस को सुपुर्द किया। करीब तीन घंटे तक शव रख कर परिजनों ने धरना दिया।
नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के कोटवा कला गांव में अवैध तरीके से मंगलम् हास्पिटल संचालित होता है। सोमवार शाम को महराजगंज जनपद के बसडीला गांव निवासी चार माह की गर्भवती 28 वर्षीय प्रतिमा यादव को पेट में दर्द है। एक दलाल के माध्यम से प्रतिमा इलाज के लिए इस अस्पताल पर पहुंंची। आरोप है कि हास्पिटल में महिला को एएनएम ने देखा और बच्चे की पेट में मौत होने की बात कहते हुए गर्भपात कराने की सलाह दिया। इसके बाद से महिला को एएनएम ने भर्ती कर लिया। देर रात को गर्भपात के बाद रक्तस्राव होने लगा और मंगलवार को प्रतिमा की मौत हो गई। इसकी मौत के बाद तीमारदार ने हंगामा करने लगे। मामला बढ़ता देख हास्पिटल संचालक और स्टाफ के मौके से फरार हो गए। हास्पीटल से जुड़े कुछ लोग आए और महिला को जिंदा बताते हुए इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज कुशीनगर लेकर पहुंचे और वहां पर पोस्टमार्टम हाउस पर शव को उतार भाग गए। वहां से परिजन शव को लेकर उक्त हास्पिटल पर पहुंचे और हास्पिटल के सामने शव को रखकर सड़क जाम कर दिया।
मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष दीपक सिंह परिजनों को समझाया बुझाया लेकिन नहीं माने। परिजन दोषियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इसकी सूचना पर मिलने पर सीएमओ के निर्देश पर नेबुआ नौरंगिया सीएचसी के अधीक्षक के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग की जांच में पता चला कि इस अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नहीं है। अवैध रूप से संचालित हो रहा है। संचालक के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट सीएमओ को भेजी जाएगी। जांच के बाद सीएचसी अधीक्षक ने अपना ताला अस्पताल में बंद कर दिया। प्रतिमा के पति जितेंद्र एक माह से विदेश हैं और उनकी दो मासूम बच्चियां हैं। शाम को खड्डा तहसीलदार महेश कुमार पहुंचे और कार्रवाई के आश्वासन पर परिजन माने। तहसीलदार ने बताया कि अस्पताल का पंजीकरण नहीं है।
संचालक के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। पुलिस को प्रतिमा के ससुर लल्लन यादव से तहरीर मिली है। संचालक के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।