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Kushinagar News: सीएचसी में नवजात की मौत पर हंगामा, बुलानी पड़ी पुलिस

Wed, 01 Apr 2026 02:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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दुदही समुदाय स्वास्थ्य केंद्र पर बच्चे की मौत के बाद जुटी भीड़।स्रोत-सोशल मीडिया - फोटो : mrt
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दुदही। स्थानीय सीएचसी में मंगलवार को प्रसव के बाद एक नवजात शिशु की मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल में परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत कराया।
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जंगल लाला छपरा निवासी कमलेश गोंड की पत्नी रानी देवी को सोमवार की रात में प्रसव पीड़ा हुई। परिजन रात करीब दो बजे सीएचसी दुदही लेकर पहुंचे और भर्ती कराया। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे रानी देवी ने एक बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि बच्चे के जन्म के बाद उसकी हालत नाजुक थी, लेकिन स्वास्थ्य कर्मी उसे तत्काल रेफर करने के बजाय करीब दो घंटे तक रेफरल दस्तावेज तैयार करने में लगे रहे। परिजनों ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मचारी उन पर हस्ताक्षर करने का दबाव बना रहे थे।
जब परिजनों को संदेह हुआ और उन्होंने बच्चे को देखा, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद ही चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित किया। परिजनों का यह भी आरोप है कि जब बच्चे को तुरंत इलाज की जरूरत थी, तब स्वास्थ्य कर्मी घंटों तक कागज बनाते रहे। उनकी इसी सुस्ती और लापरवाही के चलते नवजात की जान चली गई।
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वहीं, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अनूप कुमार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि बच्चे ने गर्भ में ही गंदा पानी पी लिया था, जिससे उसकी स्थिति पहले से ही गंभीर थी। जन्म के समय बच्चे की धड़कन बहुत कम थी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सिद्धार्थ कुमार ने बच्चे को बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। चिकित्सकों का आरोप है कि हंगामे के दौरान परिजनों ने अस्पताल के एक कर्मी के साथ मारपीट की है। नवजात की मौत के बाद अस्पताल में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर आई पुलिस टीम ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कह रही है। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद रेफर करने के लिए करीब दो घंटों तक काग़ज़ तैयार करते रहे। जिसके चलते बच्चे की मौत हो गई।
बताया जाता है रानी देवी पत्नी कमलेश गोंड निवासी जंगल लाला छपरा दबौली बाजार को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसेलेकर दुदही सीएचसी पहुंचे। मंगलवार दोपहर बच्चे का जन्म दिया। परिजनों का कहना है कि बच्चे के जन्म के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने करीब दो घंटे तक रेफर करने के लिए कागज पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाने लगे। शक होने पर बच्चे को देखा तो उसकी मौत हो गई थी। तब चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे की मौत हो चुकी है। उसके बाद परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया। प्रभारी चिकित्साधिकारी अनूप कुमार ने बताया कि जन्म के बाद बच्चे की धड़कन कम थी। बच्चे काे डाॅ. सिद्धार्थ कुमार ने बचाने का काफी प्रयास किया लेकिन बच्चे को बचा नहीं पाए। परिजनों ने हमारे एक कर्मचारी को भी पीट दिया।
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