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एक बेड पर दो मरीज, बढ़ी परेशानी

Sun, 15 Apr 2018 12:11 AM IST
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
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भर्ती मरीज। - फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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पडरौना। बदलते मौसम और तापक्रम में बदलाव के चलते संक्रामक बीमारियों का असर बढ़ने लगा है। डायरिया, वायरल फीवर और इंसेफेलाइटिस से पीड़ित बच्चों से जिला अस्पताल का वार्ड शनिवार को भरा हुआ था। यहां डायरिया और वायरल फीवर से ग्रस्त मरीजों की तादाद 68 तक पहुंच गई थी। नतीजा यह था कि एक-एक बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा था। 
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सौ बेड के जिला अस्पताल में डायरिया और वायरल फीवर से ग्रस्त मरीजों के इलाज के लिए 26 बेड उपलब्ध कराए गए हैं। अन्य बेड पर सर्जिकल, दुर्घटना में घायल, आइसोलेशन, प्रसूता महिलाओं तथा अन्य रोगियों को भर्ती कर उनका इलाज किया जाता है। 

भूतल के जनरल वार्ड में डायरिया और वायरल फीवर से पीड़ित मरीजों की संख्या शनिवार को 68 तक पहुंच गई। बेड कम और मरीजों की तादाद अधिक हो जाने के कारण एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा था। भर्ती मरीजों में पडरौना कोतवाली क्षेत्र के कांटी निवासी अमेरिका की एक वर्ष की पुत्री अनुराधा, मुसहरीपट्टी के काशीनाथ की ढाई साल की पुत्री अंकिता, रामपुरपट्टी के 14 माह के रामविद्या, कसया थाना क्षेत्र के सीताबारी गांव की छह माह की जगदीपा, खिरकिया के ढाई साल के आमित को भर्ती कराया गया था। इसी तरह महराजगंज के निवासी मनोज के 13 माह के पुत्र अमरेश, धनहां निवासी लक्ष्मण के दो वर्षीय पुत्र सूरज, मिल्की के नारायण की दो वर्ष की पुत्री चुलबुली, पटखौली के भुवनेश की पांच वर्ष की पुत्री लाडो, पडरौना निवासी रोहित के ढाई वर्षीय पुत्र हर्षित, कसया थाना क्षेत्र के चौहानपट्टी गांव के निवासी अवधेश की 11 माह की पुत्री परी और मटिहनिया बुजुर्ग के रहने वाले उदय यादव के नौ साल के पुत्र राज यादव सहित 68 लोगों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा था। 
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संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर में इंसेफेलाइटिस रोगियों के लिए बने आईसीयू में शुक्रवार की रात तीन नए मरीज भर्ती कराए गए। इस तरह वार्ड में भर्ती रोगियों की संख्या शनिवार को छह तक पहुंच गई।  इन भर्ती मरीजों में पडरौना कोतवाली क्षेत्र के सोहरौना गांव के निवासी राजेश चौहान का पांच वर्षीय पुत्र कृष्णा, कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के चकिया निवासी जोगेंद्र की 12 साल की पुत्री सिमरन, जंगल जगदीशपुर के विरेंद्र की एक साल की पुत्री नेहा, मिश्रौली के कलीमुल्लाह का 16 माह का पुत्र आदिल हुसैन, हनुमानगंज थाना क्षेत्र के नौतार निवासी जंत्री की पांच वर्ष की पुत्री पुष्पा और पश्चिमी चंपारण के बंशी धनहा निवासी उपेंद्र का तीन वर्ष का पुत्र चंदन शामिल है। कृष्णा के पिता राजेश ने बताया कि बच्चे को एक साल पहले यह बीमारी हुई थी। इलाज के बाद वह ठीक हुआ था, लेकिन शुक्रवार की रात उसे तेज बुखार होने के साथ फिर झटके आने लगे। 

संयुक्त जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ बाल रोग सलाहकार डॉ. सतीश रंजन ने कहा कि मौसम और तापक्रम में परिवर्तन के कारण स्वांस संबंधी बीमारियां होने लगती हैं। दम फूलना भी वायरल डिजीज है। बदलते मौसम के अनुसार जिनका शरीर एडजस्ट नहीं करता है, उन्हें खांसी, सर्दी, जुकाम, दम फूलना, दस्त, बुखार और उल्टी होने लगती है। गंदगी के चलते भी इन बीमारियों का दुष्प्रभाव बढ़ने लगता है। उन्होंने कहा कि दस्त के साथ तेज बुखार आए और आंव के लक्षण दिखें तो तत्काल मरीज को जिला अस्पताल ले आएं। उनका सुझाव है कि पानी उबालकर पीएं, हल्का भोजन करें, डायरिया के चलते शरीर में पानी की कमी होती है तो ओआरएस के घोल का सेवन करें।   

जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश यादव ने बताया कि सफाई न रखने और ज्यादा गर्मी होने पर डायरिया हो सकता है। डायरिया से बच्चों को इंफेक्शन होने का ज्यादा खतरा रहता है। यह धूप लग जाने पर भी हो सकता है। उल्टी-दस्त न रुके तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। 
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