कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया थाने की पुलिस ने शुक्रवार को एक स्कॉर्पियो से 51 किलोग्राम गांजा के साथ दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। यह गांजा कार की स्टेपनी वाले टॉयर और फाटकों में छिपाकर रखी गई थी। संदेह होने पर पुलिस ने टॉयर और फाटक का कवर फाड़कर चेक किया तो उसमें यह गांजा बरामद हुआ। इसकी कीमत लगभग नौ लाख रुपये है। गिरफ्तार दोनों व्यक्ति बिहार के भितहां और चिउटहां थाना क्षेत्र के निवासी हैं।
एसपी धवल जायसवाल ने पुलिस कार्यालय के सभागार में इस अंतरराज्यीय तस्कर गिरोह का खुलासा करते हुए बताया कि एएसपी रितेश कुमार सिंह और सीओ खड्डा संदीप वर्मा की देखरेख में चलाए जा रहे वाहन चेकिंग अभियान के तहत शुक्रवार को यह बरामदगी हुई। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के पिपरा बुजुर्ग स्थित थाना गेट के सामने वाहनों की चेकिंग के दौरान इस स्कॉर्पियो की तलाशी भी ली गई।
पहले तो उसमें कुछ भी नहीं मिला, लेकिन वाहन के फाटक के अंदर कवर की सामान्य से अधिक मोटाई दिखने पर संदेह हुआ। कवर फाड़कर देखा गया तो चारों फाटकों में छोटे-छोटे पैकेट में गांजा भरा हुआ। सख्ती से पूछताछ में दोनों व्यक्तियों ने स्टेपनी के टायर में भी गांजा भरे होने की जानकारी दी। टॉयर फाड़कर देखा तो उसमें भी गांजा मिला। कुल 51 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
गिरफ्तार दोनों व्यक्तियों का नाम प्रेम यादव और अशोक चौधरी है, जो क्रमश: ग्राम झवटिया, थाना भितहां जिला पश्चिमी चंपारण (बिहार) और ग्राम सेरहवा, टोला मुरहवा, थाना चिउटहां, जिला पश्चिमी चंपारण (बिहार) के निवासी हैं। बरामदगी व गिरफ्तारी के आधार पर इन दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
उड़ीसा से लेकर आ रहे थे गांजा
एसपी के मुताबिक पूछताछ में दोनों ने बताया कि यह गांजा बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के भितहां थाना क्षेत्र के ही रुपहीटांड़ निवासी संजय बिंद तथा संदेश बिंद के कहने पर उड़ीसा से ला रहे थे। इसका भुगतान किसी अन्य माध्यम से किया जाता है। यह लोग मात्र वहां गाड़ी लेकर आते-जाते हैं, जिसके बदले में उन्हें अच्छी रकम मिल जाती है। बताया कि इससे पहले भी कई बार उड़ीसा से गांजा लाकर संजय बिंद और संदेश बिंद के घर पहुंचाए हैं।
फिल्म देखकर उतरी थी नकल
एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि पूछताछ में दोनों व्यक्तियों ने बताया कि इतने शातिर तरीके से गांजा की ढुलाई करने का आइडिया उन्हें फिल्म देखकर मिला था। गाड़ी के चारों फाटकों में छोटे-छोटे पैकेटों में गांजा भरकर ऊपर से बढ़िया से कवर लगा देते थे, जिससे प्रथम दृष्टया उसमें गांजा होने का पता ही नहीं चलता था। इसी तरह स्टेपनी के टॉयर में भी गांजा छिपाकर अपनी मनमाफिक जगह पर पहुंचा देते थे, लेकिन इस बार कुशीनगर पुलिस की सक्रियता के आगे उनकी चाल विफल हो गई।
तस्करी का खुलासा करने में इनकी रही भूमिका
एसपी ने बताया कि इतने बड़े खुलासा में नेबुआ नौरंगिया थाने के एसओ गिरिजेश कुमार उपाध्याय, एसआई राघवेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल मानवेंद्र सिंह, अखिलेश कुमार, कांस्टेबल विनोद यादव और मनोज सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने पुलिस टीम की सक्रियता और बुद्धिमता की सराहना की।