तमकुहीराज। डीएम की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में फरियाद न सुने जाने से लोगों को निराश होना पड़ा। जाति प्रमाण पत्र के लिए धरना दे रहे गोंड जाति के लोगों को जबरन हटाने की कोशिश की गई।
किसी तरह धरना दे रहे लोग डीएम को अवगत कराने के लिए पहुंचे, लेकिन उन्हें डीएम की फटकार सुनने को मिली। डीएम लोकेश एम की अध्यक्षता में मंगलवार को तमकुहीराज में तहसील दिवस आयोजित था।
व्यास गोंड, राजन गोंड, मुन्ना, कमलेश, रामप्रवेश, अभिनंदन, संजय, मुरलीधर सहित गोंड जाति के कई लोग एसडीएम कार्यालय के सामने धरना दे रहे थे। इनका कहना था कि मंडलीय फोरम के आदेश के बावजूद गोंड जाति के लोगों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है।
इसी वजह से वे धरना दे रहे थे। इन लोगों को आरोप था कि जिला स्क्रूटनी कमेटी एवं मंडलीय फ ोरम के निर्देश पर कुछ दिनों के भीतर तहसील प्रशासन ने कई लोगों को जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया, लेकिन अन्य लोगों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
उनका कहना था कि धरने के दौरान शांतिपूर्वक बैठे थे, तभी अधिकारियों के इशारे पर उन्हें जबरन हटाने की कोशिश की जाने लगी। इस उन लोगों ने विरोध करना शुुरू कर दिया। पुलिस ने धरने पर बैठे दो लोगों को डीएम से मिलकर बात रखने को कहा। डीएम बात की तो उन्होंने जिला में चुनाव के चलते लागू धारा 144 का हवाला देते हुए फटकार लगाई और मामले को टाल दिया।