अवैध रूप से नर्सिंगहोम चला रहे संचालकों की एक और करतूत सामने आई है। करीब तीन माह पहले सील किए गए कोटवा बाजार के एक निजी नर्सिंगहोम में पीछे के गेट से मरीजों का इलाज और उन्हें भर्ती किया जा रहा था। इसकी सूचना मिलने के बाद सीएमओ ने रविवार को पुलिस के साथ नर्सिंगहोम में छापा मारा। संचालक उस समय मौके से भाग निकला, जबकि वहां कार्यरत दो महिलाएं पकड़ ली गईं। पुलिस उन दोनों महिलाओं को थाने ले गई। अस्पताल में भर्ती पांच महिला मरीजों को जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने बाद में अस्पताल संचालक को भी गिरफ्तार कर लिया।
कोटवा बाजार एवं पकड़ियार बाजार प्रतिनिधि के अनुसार नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के कोटवा बाजार में संचालित साईं हास्पीटल को अवैध रूप से संचालित करने के आरोप में करीब तीन माह पहले सील कर दिया गया था। इसके संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी और मेडिकल एक्ट में मुकदमा भी दर्ज हुआ था। इसके बावजूद यह अस्पताल पीछे का गेट खोलकर संचालित किया जा रहा था।
एक व्यक्ति की सूचना पर डीएम ने सीएमओ को निर्देशित किया, जिसके बाद सीएमओ ने सीओ खड्डा रामबहादुर सिंह, नेबुआ नौरंगिया एसओ नवीन सिंह, सीएचसी प्रभारी विमलेंदु भूषण के साथ रविवार को इस अस्पताल पर छापा मारा। अस्पताल का मुख्य गेट बंद था, लेकिन पीछे के गेट से आवाजाही हो रही थी। अफसरों के पहुंचने की भनक अस्पताल संचालक को लग गई और वह भाग निकला। अस्पताल में कार्यरत दो महिलाओं को पकड़कर पुलिस थाने ले गई, जबकि वहां भर्ती तबीबुन पत्नी खुशबुद्दीन अंसारी निवासी रामपुर बांगर, पूजा पत्नी दुर्गेश निवासी कौवासार, सिंगारी पत्नी चंडी निवासी उधोछपरा, बिंदू देवी पत्नी अरुण बलुवहीं और अनीता पत्नी मनीष चौधरी निवासी मठिया खुर्द को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। उसके बाद अस्पताल को पुन: सील कर दिया गया।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. सुदर्शन सोनकर का कहना था कि यह अस्पताल तीन माह पहले भी सील हुआ था। इसके पुन: संचालित होने की खबर पर छापा मारा गया। केस भी दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे अन्य अस्पतालों और उनके संचालकों पर भी कार्रवाई होगी। एसओ नवीन सिंह ने बताया कि अस्पताल संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।