महुआरी के पास रेलिंग के नीचे से पार करती महिला।संवाद
पडरौना। रफ्तार का जुनून और सुरक्षा मानकों की अनदेखी अब हाईवे पर काल बन रही है। हाईवे का सफर सुहाना कम और खतरनाक ज्यादा होता जा रहा है। आंकड़े बता रहे हैं कि महज 30 दिनों के भीतर अलग-अलग हादसों में 18 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। ये हादसे जल्दबाजी व ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के चलते हुए हैं। इनमें 13 बाइक सवारों की मौत सिर में गंभीर चोट लगने से होने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई। ये बाइक सवार हेलमेट नहीं पहने थे।
हाईवे पर होने वाले अधिकतर हादसों के पीछे तेज रफ्तार, गलत दिशा में ड्राइविंग और ओवरटेकिंग को मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस और परिवहन विभाग की सख्ती के बावजूद वाहन चालक नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर मौत का खेल खेल रहे हैं। हालिया घटनाओं में देखा गया है कि अवैध कट बंद होने के बावजूद लोग लापरवाही के साथ रांग साइड से आवागमन, बिना हेलमेट दो पहिया वाहन सहित ट्रैफिक नियमों की अनदेखी हादसे का सबब बन रहा है।
सड़क हादसों पर रोक लगाने के लिए हाईवे की तरफ से संकेतक व सूचनाओं के बोर्ड तो लगाए गए हैं लेकिन कुछ जगहों पर वह क्षतिग्रस्त हो जाते हैं तो उन्हें जल्द से ठीक नहीं कराया जाता है। इसके चलते तेज रफ्तार वाहन जब क्षतिग्रस्त संकेतकों के पास पहुंचते हैं तो उन्हें दिखाई देता है।
महुआरी के पास रेलिंग के नीचे से पार करती महिला।संवाद
महुआरी के पास रेलिंग के नीचे से पार करती महिला।संवाद