कसया। नगर में रूट डायवर्जन होने के चलते बसें रोडवेज बस स्टेशन तक नहीं आ पाई। जिससे यात्रियों को बैग समेत अन्य सामान लेकर करीब एक से डेढ़ किलोमीटर तक परेशान होना पड़ा। जिले में छठ महापर्व को लेकर नगर में बड़े वाहनों को प्रवेश वर्जित किया गया था। जिसके वजह से गुजरने वाले अधिकांश रोडवेज बसें बाइपास से निकल जाती है, जबकि स्टैंड पर यात्री इंतजार करते रह गए।
इससे क्षेत्र के लोग और यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं अधिकांश चालक बाइपास पर ही यात्रियों को छोड़कर चले गए। वहां से करीब एक से डेढ़ किमी तक यात्रियों को पैदल चलना पड़ा। बस स्टेशन तक बस नहीं पहुंचने से परिसर में भी यात्री परेशान दिखे। उन्हें बाईपास पर वाहनों से जाकर बस पकड़ना पड़ा।
नगर के पडरौना मार्ग पर कसाड़ा चौक पर बैरिकेटिंग किया गया था वहां से सभी बड़े वहां नगर बाईपास हो हाइवे पर जा रहीं थी। उसी तरह सपहा मार्ग पर गोपालगढ़ और कुशीनगर जेटी बाबू तिराहे पर बैरिकेटिंग किया गया था।
जगह-जगह ट्रैफिक और पुलिस के तैनाती कर नगर की यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संपन्न कराया गया। जिले से गुजरने वाले रोडवेज बसों की यह मनमानी लंबे समय तक चल रही है, लेकिन अभी तक परिवहन निगम के अफसरों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। बिहार की ओर से रोजाना करीब 20 रोडवेज बसें गुजरते है, जिसमें शायद ही कोई बस रोडवेज स्टेशन पर आती हो। लंबी दूरी की बसों के चालक व परिचालक मनमानी तो कर ही रहे हैं। साथ ही लोकल बसें भी नगर से ज्यादा बाईपास आने जाने में रूचि रखते है।