बच्चों को 13 बीमारियों से बचाने के लिए लगाए जाते हैं टीके
गोरखपुर। बच्चों को 13 प्रकार की जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए पांच वर्ष की आयु तक सात बार नियमित टीकाकरण आवश्यक है। टीकों की आपूर्ति के सभी स्तरों पर कोल्ड चेन मेंटेन होने से सरकारी अस्पताल का टीका अधिक सुरक्षित और असरकारक होता है। ये बातें सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण में कहीं। इस दौरान जिले के 84 कोल्ड चेन हैंडलर्स को तकनीकी जानकारियां दी गईं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नंदलाल कुशवाहा के पर्यवेक्षण में बताया गया कि कोल्ड चेन हैंडलर्स की भूमिका टीके की गुणवत्ता बनाए रखने में अहम होती है। ये लोग सुनिश्चित करते हैं कि स्वास्थ्य केंद्र पर बनी कोल्ड चेन में टीके को दो से आठ डिग्री तापमान के बीच बरकरार रखा जाए। अवकाश के दिनों में भी कोल्ड चेन के तापमान पर नजर रखी जाती है। हैंडलर्स को दिशा निर्देश हैं कि वे वैक्सीन का स्टॉक ऑनलाइन अपडेट रखें।
कोल्ड चेन हैंडलर्स को यूनिसेफ के डीएमसी डॉ. हसन फहीम और यूएनडीपी संस्था के प्रतिनिधि राजीव रंजन व पवन कुमार सिंह की मदद से तकनीकी जानकारियां दी गईं। उन्हें बताया गया कि समय-समय पर अपने केंद्र के उच्चाधिकारी से कोल्ड चेन का पर्यवेक्षण करवाते रहना है।
इस अवसर पर गौरव राय, देवेंद्र सिंह, विशाल सिंह और शिव धनी प्रसाद आदि मौजूद रहे।
कोल्ड चेन पर रखना है ध्यान
चरगांवा ब्लॉक की कोल्ड चेन हैंडलर प्रतिभा ने बताया कि प्रशिक्षण में जोर दिया गया कि कोल्ड चेन पर अगर कोई टीका खुलने के कारण खराब हो चुका है तो उसे अलग रखा जाए। टीकाकरण में ओपेन वाॅयल का प्राथमिकता के आधार पर इस्तेमाल करना है ताकि वह बर्बाद न हो। टीके की कोल्ड चेन कभी टूटने न पाए। अगर कोई तकनीकी बाधा आती है तो कोल्ड चेन बाॅक्स या आवश्यकता पड़ने पर टीकों का ट्रांसफर कर उनकी गुणवत्ता बनाए रखना है।