तमकुहीरोड। गोरखपुर में मेगा ब्लाॅक के चलते कप्तानगंज-थावे मार्ग पर नियमित चलने वाली छह जोड़ी ट्रेनों में चार ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया है। इससे पाटलीपुत्र, सिवान, गोरखपुर और लखनऊ की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यात्रा को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है। उधर यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए प्राइवेट वाहन चालकों ने किराया बढ़ा दी है।
पूर्वोत्तर रेलवे ने 12 अप्रैल से तीन मई के बीच गोरखपुर से गोरखपुर कैंट तक 3.5 किलोमीटर और कुसुम्ही-गोरखपुर कैंट-गोरखपुर के बीच 14 किमी में थर्ड लाइन के विस्तार के साथ नान इंटरलॉक कार्य के लिए मेगा ब्लाॅक लिया गया है। इसके चलते कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग पर सुबह में गोरखपुर से पाटलिपुत्र और रात में पाटलिपुत्र से गोरखपुर तक चलने वाली 15079/15080 गोरखपुर- पाटलीपुत्र ट्रेन को 14 अप्रैल से तीन मई तक के लिए, इस रूट दूसरी ट्रेन सुबह मे नियमित गोरखपुर कैंट से सिवान तक और शाम मे सिवान से गोरखपुर कैंट तक चलने वाली 55035/55036 पैसेंजर ट्रेन को 17 अप्रैल से छह मई तक के लिए, इस रुट पर दिन में सिवान से गोरखपुर व रात में गोरखपुर से सिवान तक चलने वाली 75105/75106 डेमू पैसेंजर ट्रेन को को 23 अप्रैल से छह मई तक के लिए निरस्त कर दिया गया है। रोजाना सुबह में गोमतीनगर से छपरा तक और रात में छपरा से गोमतीनगर तक चलने वाली 15113/15114 गोमतीनगर-छपरा एक्सप्रेस को भी 26 अप्रैल से तीन मई तक के लिए मार्ग बदल दिया गया है। इससे यात्रियों के लिए अब पाटलीपुत्र, सिवान-गोरखपुर व लखनऊ की राह मुश्किल हो गई है। इसके कारण अब यात्रियों को सिवान, गोपालगंज और पटना जाने के लिए पहले तमकुहीरोड से निगम की बसों अथवा प्राइवेट वाहनों से तमकुहीराज जाना पड़ता है। वहां से प्राइवेट बसों अथवा अन्य वाहनों से अपनी यात्रा पूरी करनी पड़ रही है। यात्रियों को कम दूरी के लिए अधिक किराया व अधिक समय लगना पड़ रहा है। हालत यह है कि गोरखपुर जाने के लिए लोगों को रेल किराया से साढ़े पांच गुना चुकाना पड़ रहा है। वहीं लखनऊ जाने के लिए गोरखपुर बसें पकड़नी पड़ रही है। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। क्षेत्र के व्यापारी सुनील नाथनी, निखिल सोनी, रामजी कसेरा, संतोष वर्मा, मक्खन जायसवाल आदि का कहना है कि इससे यात्रा के साथ कारोबार भी प्रभावित है। जब तक मेगा ब्लाॅक खत्म नही होता है, तब तक यात्रियों को इस परेशानी से निजात मिलना मुश्किल है।