पडरौना। कलक्ट्रेट सभागार में डीएम महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में मंगलवार को सड़क सुरक्षा की बैठक हुई। शहर के सबसे व्यस्त सुभाष चौक पर यातायात के बढ़ते दबाव और दुर्घटनाओं की आशंका से निजात के लिए बाईपास मार्ग अथवा सड़क चौड़ीकरण की कार्ययोजना तैयार की गई।
जिले में बिना फिटनेस स्कूली वाहनों के संचालन पर सख्ती बरती जाएगी। तय समय में फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं लेने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
डीएम ने कहा कि सुभाष चौक पर लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थायी समाधान के लिए बाईपास मार्ग विकसित करने अथवा सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार करने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया।
एआरटीओ ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में स्कूल वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिले में 170 अनफिट स्कूली वाहन चिह्नित किए गए थे। इनमें से 60 वाहनों को फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जा चुका है, जबकि शेष 110 वाहनों को नोटिस भेजा गया है।
डीएम ने निर्देश दिए कि सभी 110 वाहनों का तत्काल फिटनेस परीक्षण कराया जाए। यदि वाहन स्वामी निर्धारित अवधि में फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं करते हैं तो ऐसे वाहनों की सूची पुलिस विभाग को उपलब्ध कराकर कार्रवाई कराई जाए। किसी भी स्थिति में अनफिट स्कूली वाहन सड़क पर संचालित नहीं होना चाहिए। यदि किसी अनफिट वाहन में बच्चे सवार हों तो पहले उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जाए। इसके बाद वाहन को जब्त कर कार्रवाई की जाए।
डीएम ने चिकित्सा विभाग को वाहन चालकों और परिचालकों के नेत्र परीक्षण के लिए प्रत्येक माह नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए। उनका कहना था कि चालकों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व वैभव मिश्रा, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, एनएचएआई, रोडवेज, परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।