गोडरिया। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर), वाराणसी ने ग्राफ्टेड ब्रिमेटो तकनीक के व्यापक प्रसार एवं व्यावसायीकरण के उद्देश्य से दुदही किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड के साथ लाइसेंसिंग समझौते पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने की। दुदही किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड की ओर से निदेशक मनोज कुशवाहा एवं सीईओ अखिलेश कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन एफबीआई एवं जेएडब्ल्यूएमयू के बैनर तले परियोजना अन्वेषक डॉ. सुंदरीन मोर, डॉ. नीरज सिंह एवं डॉ. इन्दीवर प्रसाद के मार्गदर्शन में किया गया।
इस अवसर पर निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि ग्राफ्टेड ब्रिमेटो जैसी उन्नत उत्पादन तकनीकों के त्वरित प्रसार में सार्वजनिक-निजी भागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक के माध्यम से एक ही पौधे से टमाटर, बैंगन और आलू जैसे फलों का उत्पादन संभव है, जिससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण कलमी पौध से तीन गुना तक अधिक उत्पादन मिल सकता है। इससे क्षेत्र के किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि ग्राफ्टिंग तकनीक सब्जियों को जैविक एवं अजैविक तनावों के प्रति अधिक सहनशील बनाती है और उत्पादन क्षमता को बढ़ाती है। इस प्रकार के लाइसेंसिंग कार्यक्रम किसानों की आय वृद्धि एवं सतत सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होंगे। विभागाध्यक्ष (सब्जी उत्पादन) डॉ. अनंत बहादुर ने लाइसेंस धारकों को ग्राफ्टिंग से संबंधित समस्त तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में ब्रिमेटो विकास से जुड़े वैज्ञानिक डॉ. अनंत बहादुर, डॉ. हरे कृष्ण, श्री अजीत कुमार तथा सब्जी मटर किस्म ‘हाइकाशी नंदिनी’ के विकास से जुड़ी वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ज्योति देवी उपस्थित रहीं।