तुर्कपट्टी। दिघवापट्टी में रुद्रमहायज्ञ के पांचवें दिन रविवार को श्रीराम वन गमन की कथा सुनाई गई। राम वन गमन का प्रसंग सुन मौजूद श्रद्धालु भावविह्वल हो उठे।
कथा वाचक मंदाकिनी ने कहा कि श्रीराम, लक्ष्मण और सीता को तपस्वी वेश में देख महाराज दशरथ मूर्च्छित होकर गिर पड़े। वन गमन के समय पूरे अयोध्या में मायूसी थी। उन्होंने कहा कि मानस कथा लोगों को सत्य व ईमानदारी के पथ पर चलने की प्रेरणा देती है। श्रीराम के जीवन का कुछ अंश भी जीवन में उतार लें, तो समाज में फैल रही तमाम विकृतियां स्वत: मिट जाएंगी। इस दौरान यज्ञाचार्य शुभेंदु वेदांती त्रिपाठी, कोमल शर्मा, ग्राम प्रधान नंदकिशोर प्रसाद, कुंदन शर्मा, महेंद्र दुबे, टुन्न पटेल, धर्मेंद्र गोंड़, सुरेंद्र कुशवाहा, सोनू पांडेय, कमलेश, फणीश पांडेय आदि मौजूद रहे।