समाज को बदलने के लिए पहले स्वयं को बदलना होगा: डीएम
मिशन शक्ति योजना के तहत हक की बात जिलाधिकारी के साथ कार्यक्रम में
यौन हिंसा, लैंगिक असमानता, घरेलू हिंसा तथा दहेज प्रथा पर हुई चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना (कुशीनगर)। समाज को बदलने के लिए पहले खुद को बदलना होगा। जब लोग बदलेंगे तो समाज की व्यवस्था और मान्यता में भी परिवर्तन आ जाएगा। बेटियां पढ़ाई के लिए मिले मौके का पूरा फायदा उठाते हुए अच्छी शिक्षा ग्रहण करें। शिक्षा और रोजगार से ही व्यवस्था में बदला आएगा।
ये बातें डीएम एस राजलिंगम ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हक की बात डीएम के साथ कार्यक्रम के दौरान हनुमान इंटर कालेज की छात्रा द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में कही। डीएम ने कहा कि जहां ऐसा लगे कि बेटा-बेटी में भेद किया जा रहा है तो सीधे माता-पिता से पूछिए। जहां भी लगता है कि भेद किया जा रहा है प्रश्न करिए। हक के लिए लड़ना पड़ता है। यदि समाज में परिवर्तन लाना है तो हर बिंदु पर सवाल करें। स्वयं अभिवावक के सामने मुद्दे को रखें। दहेज प्रथा अकेले के दम पर खत्म नहीं होगा। लोग बेटियों को बेटों की तरह संपत्ति का हिस्सा देने को तैयार नहीं हैं। यह पूरे समाज की मानसिकता है। इसे बदलने के लिए सभी को प्रयास करना होगा। एक अन्य छात्रा ने छेड़खानी के मामले पर कार्रवाई से संबंधित प्रश्न किया तो डीएम ने टोल फ्री नंबर 1090, 112 व 181 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराने की बात कही। महिलाओं को घर से निकाले जाने के सवाल पर डीएम ने कहा कि कोर्ट का भी निर्णय है कि कोई भी शादीशुदा महिला यदि पति के घर में रहती है तो उसे निकाला नहीं जा सकता।
इस कार्यक्रम में कन्या सुमंगला योजना समेत महिलाओं व लड़कियों के लिए चलाए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस अवसर पर सीडीओ अन्नपूर्णा गर्ग, जिला प्रोवेशन अधिकारी विजय पाण्डेय, बीएसए विमलेश कुमार समेत विभिन्न विभागों के अफसर मौजूद रहे।
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उदयभान त्रिपाठी