कसया। श्रीरामजानकी मंदिर (मठ) परिसर में दस दिवसीय श्रीराम महायज्ञ के नौवें दिन बृहस्पतिवार को ईश्वर के महिमा बताई गई। कथा वाचक महंत गणेश दास ने कहा कि जीव ईश्वर का ही अंश है। इस नाते जीव व ईश्वर का घनिष्ठ संबंध है।
उन्होंने कहा कि परमात्मा कभी जीव को अलग नहीं करते हैं। जीव को अविनाशी कहा गया है। जीव ही चतुराई से स्वयं को परमात्मा से अलग कर लेता है। भगवत भक्ति के द्वारा ईश्वर को प्राप्त करना मानव मात्र का परम धर्म है। यही मानव का श्रेय, ध्येय व गेय है। कथा मंच का संचालन सिया शरण पांडेय ने किया। महंत त्रिभुवन शरण दास व व्यवस्थापक देव नारायण शरण ने बताया कि शुक्रवार को कथा सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे के मध्य हवन पूजन के बाद भंडारा आयोजित कर प्रसाद वितरित की जाएगी।
इस दौरान विधायक पीएन पाठक, नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि राकेश जायसवाल, विष्णु शरण, परशुराम दास, अवधेश भगवती, हृदयानंद तिवारी, सत्य प्रकाश पांडेय, अमित मालवीय, राज कुमार, रंजीत राय, मिथिलेश सिंह, सुरेश गुप्ता, निशांत सिंह, शिवम राय, आदित्य मिश्र, दिव्यांशु, डॉ. हरिओम मिश्र आदि मौजूद रहे।