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पार्टी से टिकट नहीं मिला तो क्या हुआ... हम चुनाव लड़ेंगे

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टिकट न मिलने से निराश नेताओं ने सोशल मीडिया पर निकाली भड़ास
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निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का लगाया आरोप, कइयों ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की बात भी लिखी है
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। गंवई राजनीति में गहरी पैठ बनाने में जुटी भाजपा के लिए टिकट वितरण बड़ा सिरदर्द बन दिख रहा है। बृहस्पतिवार रात में प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक होते ही कई वार्डों में बगावत की चर्चा होने लगी है। टिकट नहीं मिलने से निराश कई कार्यकर्ताओं ने तो सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी टिप्पणी सार्वजनिक भी कर दी है।
कार्यकर्ताओं के बढ़ते विरोध को देखते हुए जिलाध्यक्ष ने टिकट वितरण में नियमों का पालन करने से संबंधित अपनी सफाई भी दी है। भाजपा जिला पंचायत सदस्य के सभी 61 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। टिकट आवंटन के लिए करीब दो महीने से मेहनत हो रही थी। पार्टी के सभी विधायक व अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी एक-एक वार्ड में जाकर जिताऊ उम्मीदवारों की तलाश में लगे थे। टिकट फाइनल करने से पहले वार्डवार तीन-तीन लोगों की सूची बनाने, ऑनलाइन वोटिंग कराने समेत तमाम प्रक्रियाओं का दावा किया जा रहा था। बृहस्पतिवार की शाम को अचानक पार्टी की तरफ से सभी 61 सीटों के प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी गई। शुक्रवार को यह सूची समाचार पत्रों के माध्यम से सार्वजनिक होते ही इस पर प्रतिक्रिया भी आने लगी। विशुनपुरा क्षेत्र में चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने उम्मीदवार चयन में मनमानी का आरोप लगाया है। इसी प्रकार रामकोला क्षेत्र के एक उम्मीदवार ने अपने फेसबुक अकाउंट पर व्यथा कथा लिखते हुए चुनाव लड़ने की बात कही है।
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महिला पदाधिकारी ने भी दिखाए तेवर-
राजनीति के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी खासा सक्रिय पार्टी की एक महिला पदाधिकारी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा है कि वह संगठन की तरफ से एक मात्र महिला उम्मीदवार थीं, परंतु उन्हें तवज्जो नहीं दी गई। कार्यकर्ता निराश न हों मैं चुनाव लड़ूंगी, पूरी मजबूती से।
हियुवा नेता ने बताया इतिहास
हियुवा के एक नेता ने भी जिला पंचायत सदस्य पद के लिए भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर निराशा जताई है। सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में लिखा है कि टिकट नहीं मिलने की उन्हें कोई तकलीफ नहीं है। इसके अगले ही पोस्ट में आखिर मेरा क्या कसूर शीर्षक से वर्ष 2002 से अब तक के अपने राजनीतिक सफर की गाथा भी लिख दी है।
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बाहरी को दिया तवज्जो
टिकट नहीं मिलने से निराश खड्डा क्षेत्र के एक नेता ने पार्टी के प्रति निष्ठावान लोगों की बजाय बाहरी लोगों को मौका दिए जाने का आरोप लगाया है। इस नेताजी का कहना है कि विशुनपुरा, खड्डा व नेबुआ नौरंगिया में कई ऐसे भी नाम हैं जिनके विषय में सूची जारी होने से पहले तक शायद की कोई जानता हो। जिनकी टिकट के लिए दूर-दूर तक चर्चा ही नहीं थी, उन्हें ही टिकट पकड़ा दिया गया।
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टिकट आवंटन में रखा सबका ख्याल: जिलाध्यक्ष
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेमचंद्र मिश्रा का कहना है कि जिला पंचायत सदस्य के प्रत्याशी चयन में सामाजिक समरसता का ध्यान रखा है। सूची में नौ ब्राह्मण, चार भूमिहार, छह क्षत्रिय, एक कायस्थ, सात वैश्य, एक राजभर, एक निषाद, एक चौहान, तीन कुर्मी, एक अवधिया, सात सैंथवार, आठ कोईरी, एक लोहार, पांच हरिजन, तीन गोंड़, दो धोबी व एक खरवार को प्रत्याशी बनाया गया है। इसके अलावा बूथ अध्यक्ष, शक्ति केंद्र संयोजक, तीन मंडल अध्यक्ष और पूर्व जिला पंचायत सदस्यों को भी उम्मीदवार बनाया है। नौजवान, किसान, व्यापारी, अधिवक्ता, चिकित्सक, छात्र नेता, स्कूल प्रबंधक और शिक्षक वर्गों का भी ख्याल रखा गया है। सांसद, विधायक, जिलाध्यक्ष, जिला महामंत्री के सगे संबंधी को प्रत्याशी नहीं बनाया गया है।
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