संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर संस्कार भारती कुशीनगर और महर्षि अरविंद विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में संगोष्ठी एवं पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने पंच परिवर्तन से राष्ट्र निर्माण विषय पर अपने विचार रखे।
मुख्य अतिथि क्षेत्र संपर्क प्रमुख मनोज ने कहा कि संघ की पंच परिवर्तन की अवधारणा व्यक्ति और राष्ट्र, दोनों के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने कहा कि कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व-आधारित जीवनशैली, नागरिक कर्तव्य और सामाजिक समरसता ये पांच स्तंभ राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने स्व के जागरण पर जोर दिया। कहा कि अपनी भाषा, वेशभूषा, भजन और संस्कृति को अपनाना आवश्यक है। विदेशी वस्तुओं के स्थान पर स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करना चाहिए। साथ ही जल संरक्षण, प्लास्टिक त्याग और पौधरोपण को जीवन का हिस्सा बनाना होगा, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा। कुटुंब प्रबोधन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि परिवार में संवादहीनता की स्थिति को समाप्त कर सुसंस्कारित वातावरण का निर्माण करना जरूरी है। सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए उन्होंने जाति, भाषा और वर्ग के भेदभाव को समाप्त कर समाज को एकजुट करने का आह्वान किया।
कला एवं साहित्य की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि पेंटिंग, गीत, संगीत और नाटक के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश फैलाकर कुरीतियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। विशिष्ट अतिथि डॉ. चंद्रशेखर सिंह (सह विभाग संघचालक, देवरिया) और प्रांत संपर्क प्रमुख डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पण से हुई। संस्कार भारती के ध्येय गीत के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। प्रांत महामंत्री डॉ. अनिल कुमार सिन्हा ने अतिथियों का परिचय कराते हुए अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। संचालन प्रांत मंत्री एवं प्रधानाचार्य अशोक ने किया, जबकि आभार ज्ञापन डॉ. कालिंदी त्रिपाठी ने व्यक्त किया।
अंत में मुख्य अतिथि ने विद्यालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और उपस्थित लोगों को पौधे वितरित किए।