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Kushinagar News: मासूम से तीन किशोरों ने किया दुष्कर्म

Mon, 13 Oct 2025 01:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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अहिरौली बाजार (कुशीनगर)। स्थानीय थाना क्षेत्र के एक गांव में ननिहाल में रह रही आठ साल की बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। मासूम के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने इस मामले में गांव के ही 14 और 17 साल के दो किशोरों पर शनिवार देर रात नामजद केस दर्ज किया।
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मासूम के परिजनों का आरोप है कि घटना में तीन किशोर शामिल थे लेकिन पुलिस ने एक नेता के दबाव में तहरीर बदलवा कर एक किशोर का नाम हटवा दिया। पुलिस इस आरोप को नकार रही है। थानाध्यक्ष का कहना है कि जो तहरीर मिली है, उसी आधार पर केस दर्ज किया गया है।

महराजगंज जिले के घुघली थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली आठ वर्षीय बच्ची यहां अपनी ननिहाल में रहती है। वह कक्षा दो में पढ़ती है। परिजनों के अनुसार बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे घर के बाहर खेलते समय गांव के ही तीन किशोर उसे पड़ोस के घर में बहलाकर ले गए। वहां एक कमरे में बंद कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। बच्ची के चीखने पर आरोपी वहां से भाग गए।
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पुलिस पर तहरीर बदलवाने का आरोप
अहिरौली बाजार क्षेत्र के एक गांव में ननिहाल में रह रही आठ साल की बच्ची से बृहस्पतिवार शाम गांव के ही तीन किशोरों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। बच्ची के शोर मचाने पर वे उसे छोड़कर भाग गए। बच्ची ने घर पहुंचकर नानी से पूरी बात बताई। उन्होंने गोरखपुर में रहने वाली बच्ची की बुआ को फोन कर बुलाया। शुक्रवार को पहुंची बुआ बच्ची को लेकर अहिरौली बाजार थाने पहुंची और पुलिस को तीन किशोरों के खिलाफ नामजद तहरीर दी।

परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनपर समझौते का दबाव बनाया लेकिन जब उन्होंने एसपी से शिकायत की बात कही तो उन्होंने तहरीर बदलवा दी और दो किशोरों पर ही मुकदमा दर्ज कर लिया। एक आरोपी का नाम तहरीर से निकलवा दिया। उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि विवेचना के दौरान उसका नाम मुकदमे में शामिल कर लिया जाएगा।

परिजनों का आरोप है कि घटना बृहस्पतिवार शाम को हुई लेकिन पुलिस ने बदलवाई गई तहरीर में घटना का दिन शुक्रवार दर्शाया है। इसका विरोध करने पर थानाध्यक्ष ने बच्ची की बुआ से कहा कि एक दिन पुराना मामला तहरीर में दर्शाएंगे तो मुकदमा कमजोर हो जाएगा। यह आपके पक्ष में है, चिंता मत करिए। जिस तरह पुलिस कह रही करिए नहीं तो ऐसी लिखा पढ़ी करेंगे कि पीड़ित बच्ची को 18 साल तक बाल सुधार गृह में रहना पड़ जाएगा। परिजनों का आरोप है कि थाने में मौजूद एक नेता के दबाव में आकर थानाध्यक्ष ने ऐसा किया। पुलिस की पूछताछ में बच्ची ने बताया कि तीन लड़के थे।
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