दहेज हत्या में पति, जेठ और जेठानी को उम्रकैद
एडीजे चतुर्थ अभिमन्यु सिंह ने सुनाया फैसला
पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड भी देना होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। विशुनपुरा थाना क्षेत्र के दुदही बाजार में पांच वर्ष पूर्व हुई दहेज हत्या के मामले में न्यायालय ने बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया। एडीजे चतुर्थ ने पति, जेठ और जेठानी को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
पडरौना कोतवाली क्षेत्र के नोनियापट्टी निवासी नुरुल होदा की तरफ से विशुनपुरा थाने में तहरीर देकर बताया था कि उन्होंने अपनी पुत्री ताजरुन खातून का निकाह विशुनपुरा थाना क्षेत्र के दुदही निवासी अबरार अहमद पुत्र अमीरुद्दीन के साथ किया था। निकाह के एक माह बाद ही दहेज में बाइक, सोने की चेन, अंगूठी आदि की मांग की जाने लगी थी। छह अक्टूबर की रात में ताजरुन ने फोन कर इस बारे में बताया भी था। नुरुल होदा के मुताबिक, 10 अक्टूबर की रात में फोन आया कि ताजरुन की तबीयत ज्यादा खराब है। वह जबतक दुदही पहुंचे, ताजरुन की मौत हो चुकी थी। उन्होंने ताजरुन के पति अबरार, जेठ लालबाबू और जेठानी शबाना खातून के खिलाफ दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया। तभी से तीनों आरोपी जेल में थे।
बृहस्पतिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-4 अभिमन्यु सिंह ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान तीनों को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए उन्हें आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर तीनों को दो-दो माह अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी। वादी की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अभय कुमार त्रिपाठी कर रहे थे।