सपहा(कुशीनगर)। कसया थाना क्षेत्र के मैनपुर गांव के टोला दीनापट्टी में एक ईंट भट्ठे पर गड्ढे में डूबकर शनिवार सुबह तीन मासूमों की मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मौके पर गांव वालों की भीड़ जुट गई। ईंट के लिए मिट्टी निकालने के बाद बने गड्ढे में बारिश का पानी भरा था। इसके चलते हादसा हुआ। एडीएम प्रशासन वैभव मिश्रा और एएसपी सिद्धार्थ वर्मा घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली। डीएम ने जांच के निर्देश दिए हैं।
दीनापट्टी में पंकज ईंट उद्योग पर छत्तीसगढ़ के मजदूर परिवार जीविकोपार्जन करते हैं। घटना के दिन सभी परिजन भट्ठे पर कार्य कर रहे थे। उनके बच्चे अभय पटेल (3) पुत्र पंचु पटेल व अनुष्का (ढाई साल) पुत्री सुखन निवासी फरहदा जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़, अनन्या (7) पुत्री लखन निवासी अकलतारा जिला जांजगीर चांपा बाना छत्तीसगढ़ सुबह सात बजे खेल रहे थे। खेलते खेलते पानी भरे गड्ढे के पास पहुंच गए और पानी में गिर गए। वहां मौजूद तीन वर्षीय रॉकी रोते हुए काम कर रहे परिजनों के पास गया और यह बात बताई। मौके पर पहुंचे परिजन तीनों बच्चों को गड्ढे से निकालकर सीएचसी कसया ले गए। जांच के बाद डॉक्टरों ने बच्चों को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर सीएचसी पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लें लिया। एएसपी सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि घटना के बारे में जानकारी ली गई है। बच्चों के परिजन अगर तहरीर देते हैं, तो कार्रवाई की जाएगी।
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मानक से ज्यादा हुई थी मिट्टी खोदाई
-ईंट भट्ठों के लिए मिट्टी की खोदाई की मानक गहराई आमतौर पर दो मीटर (6.5 फीट) है। इस भट्ठे पर मिट्टी की खोदाई दो मीटर से ज्यादा हुई थी। मौके पर जुटे लोगों का कहना था कि अगर गहराई कम रहती तो हादसा नहीं होता। लोगों ने जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। प्रशासन ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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ईंट भट्ठे पर छत्तीसगढ़ के मजदूर मजदूरी कर करते हैं जीविकोपार्जन
-ईंट भट्ठे पर छत्तीसगढ़ के मजदूर परिवार के साथ ईंट पथाई कर जीविकोपार्जन करते हैं। सुबह से शाम तक ईंट पथाई करते हैं और प्लास्टिक तानकर भट्ठे पर रहते हैं। बच्चों की मौत के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
डीएम ने दिया जांच का आदेश
पडरौना। गड्ढे में तीन मासूमों की डूबकर मौत के मामले में डीएम ने पीड़ित परिवार को चार-चार लाख रुपये अहेतुक सहायता दिलाने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने टीम गठित कर मामले के जांच के निर्देश दिए हैं। जांच टीम में कसया एसडीएम, सीओ कसया, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, श्रम प्रवर्तन अधिकारी शामिल हैं। तीन दिन के अंदर जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कसया सीएचसी परिसर में रोते बिलखते परिजन।स्रोत-सोशल मीडिया
कसया सीएचसी परिसर में रोते बिलखते परिजन।स्रोत-सोशल मीडिया