शनिवार और रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को बैंक खुले, लेकिन भीड़ इतनी अधिक रही कि बैंकों में लंबी लाइनें लगी रहीं। धक्का-मुक्की के बीच खाताधारकों ने रुपये निकाले। सोमवार को सिर्फ दो ही एटीएम से रुपये निकल रहे थे। जहां लोगों की लंबी लाइनें लगी रहीं।
बैंकों में एक-दो दिन की बंदी के बाद फिर नोटबंदी जैसी हालत हो जा रही है। 26 जनवरी को बैंकों में लेन-देन नहीं हुआ था। 27 को एक दिन के लिए बैंक खुलने के बाद 29 और 30 को पुन: बैंकों में अवकाश हो गया। एक तो लगन का समय और दूसरे बैंकों में कैश की किल्लत होने के कारण खाताधारकों की परेशानी हो रही है। पडरौना के एसबीआई मुख्य शाखा और सिटी ब्रांच सहित पीएनबी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पूर्वांचल बैंक के साथ-साथ निजी बैंकों में भी रुपये के लिए खाताधारक पूरे दिन लाइन में खड़े देखे गए।
सबसे दयनीय हालत तो एटीएम पर देखी गई। बैंक बंदी के कारण एटीएम में रुपये नहीं पड़े, जिससे शनिवार और रविवार के साथ-साथ सोमवार को भी ज्यादातर एटीएम कैशविहीन रहे। सिर्फ बैंक ऑफ महाराष्ट्र और एचडीएफसी बैंक के एटीएम ही खुले थे, जहां पूरे दिन ग्राहकों की लंबी लाइन लगी रही।