रामकोला। स्थानीय सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं हाेने से मरीजाें को निजी केंद्रों पर जांच करानी पड़ती है। हाल में मौसम में बदलाव से सीएचसी में सुबह से ही मरीजों का आना शुरू हो जा रहा है। इसमें सबसे अधिक सर्दी-जुकाम व बुखार से पीड़ित मरीज आ रहे हैं। अस्पताल में ओपीडी में तैनात डाक्टर मरीजों को बचाव के लिए उचित सलाह व दवाएं दे रहे हैं। अनुमान के अनुसार यहां हर रोज लगभग 300 से अधिक मरीज सर्दी, जुकाम और बुखार के पहुंच रहे हैं।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को बाहर के निजी केंद्रों से जांच करवाना पड़ रहा है। ओपीडी में डॉक्टरों के पास जांच केंद्रों पर मरीजों को भेजने के लिए एजेंट सक्रिय हैं। एक रुपये की पर्ची पर इलाज की उम्मीद लिए आने वाले मरीजों को मजबूरी में अल्ट्रासाउंड निजी केंद्रों से रुपये देकर कराना पड़ रहा है। लोगों की मांग है कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई जानी चाहिए।
इलाज के लिए पहुंची बबिता, असफाक, रूबी, रजिया खातून ने बताया कि अल्ट्रासाउंड के लिए मेडिकल कॉलेज कुशीनगर जाने पर दो से तीन दिन का समय देकर बुलाया जा रहा है। चिकित्सा प्रभारी डा. एसके विश्वकर्मा ने कहा कि अस्पताल में जो संसाधन है, उससे मरीजों का इलाज किया जाता है। गंभीर मामलों में जांच के लिए मरीजों को जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। दूसरी जगह जांच करवाने के लिए जाने वाले मरीज खुद के जिम्मेदार हैं।