कसया। नगर स्थित श्रीरामजानकी मंदिर मठ में दस दिवसीय श्रीराम महायज्ञ के दूसरे दिन शनिवार को अयोध्या से पधारे कथावाचक रमाशंकर शास्त्री ने श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया। उन्होंने कहा कि भजन और भोजन दोनों समान हैं, किंतु भोजन सीमित मात्रा में करना चाहिए, जबकि भजन की कोई सीमा नहीं होती। प्रभु की कृपा के बिना कथा श्रवण संभव नहीं है और भक्ति मार्ग में अहंकार का कोई स्थान नहीं है।
कथा का शुभारंभ विधायक पीएन पाठक सहित अन्य अतिथियों द्वारा व्यासपीठ पूजन के साथ हुआ। आचार्य रामजी पांडेय के निर्देशन में श्रीराम महायज्ञ संपन्न हुआ। कथा के दौरान महंत त्रिभुवन शरण दास, व्यवस्थापक देव नारायण शरण, परशुराम दास, इंद्र कुमार मिश्र आदि मौजूद रहे।