पडरौना। सदर तहसील पडरौना और हाटा तहसील के लेखपालों की मनमानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। हालत यह है कि हाईकोर्ट की तरफ से रोक के बावजूद लेखपाल खरवार जाति का अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी कर दिए हैं। यही नहीं एक लेखपाल तो एक व्यक्ति का धनगर जाति का प्रमाण पत्र तक जारी कर दिया है, जबकि इस जाति के लोग तहसील क्षेत्र में निवास ही नहीं करते हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के डबल बेंच ने प्रदेश में खरवार जाति को अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी करने पर रोक लगाया है। इसके बावजूद सदर तहसील पडरौना शहर के एक युवक व विशुनपुरा गांव की एक महिला और हाटा तहसील के गौनरिया गांव के एक युवक के नाम से खरवार जाति के लोगों का हलका लेखपाल की रिपोर्ट पर अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया है।
यह लापरवाही तो अभी एक बानगी है। एक लेखपाल ने तो सदर तहसील पडरौना क्षेत्र के जंगल अमवा निवासी एक व्यक्ति को प्रमाण पत्र धनगर जाति का जारी कर दिया गया है, जबकि धनगर जाति के लोग इस क्षेत्र में निवास ही नहीं करते हैं।
इन लेखपालों के इस कारनामे की क्षेत्र में चर्चा में हैं। इस संबंध में एडीएम वित्त एवं प्रशासन वैभव मिश्र ने बताया कि इस तरह की त्रुटि होना गंभीर बात है। यदि ऐसी गलती हुई है तो उसकी जांच कराकर हुई गलतियों को सुधारते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।