अहिरौली बाजार (कुशीनगर)। थाना क्षेत्र के लखिमा गांव में सोमवार को दोपहर में युवती ने बंद कमरे में फंसी लगाकर खुदकुशी कर ली। चैनल का ताला तोड़कर परिजन अंदर गए तो छत की कुंडी में फंदे से शव लटकता देख चीख-पुकार मच गई। सूचना पर आई पुलिस की जांच में पता चला कि युवती मोबाइल पर किसी से लंबे समय तक बात की है। हालांकि पुलिस या परिजन कुछ भी बताने से इन्कार कर रहे हैं। फाॅरेंसिक जांच के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया।
गोरखपुर जिले के पिपराइच थाना क्षेत्र के रक्षवापार गांव निवासी शिवप्रताप सिंह की 19 वर्षीय बेटी खुशी सिंह बचपन से ही अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के लखिमा में अपने ननिहाल में नाना बेगलाल सिंह के घर रहती थी। उसके नाना का गांव में दो जगह मकान है। एक मकान गांव के बाहर और एक मकान गांव के अंदर है। खुशी के दो मामा थे, दोनों मामा की मौत कुछ वर्ष पहले हो चुकी है। दोनों मामा की मौत के बाद गांव के अन्दर वाले मकान पर कोई नहीं रहता था।
सोमवार को दिन में करीब दो बजे खुशी सिंह अपने नाना से मोबाइल चार्ज करने की बात कहकर गांव के अंदर वाले मकान पर पहुंची। मेन गेट के चैनल में अंदर से ताला बंदकर छत की कुंडी में दुपट्टे का फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली। काफी समय बीत जाने के बाद खुशी के नाना बेगलाल सिंह शाम करीब चार बजे इस मकान पर पहुंचे तो देखा कि मेन गेट के चैनल पर अंदर से ताला बंद है।
काफी बुलाने के बाद अंदर से जब कोई आवाज नहीं आई तो नाना ने चैनल पर लगे ताले को तोड़ दिया और अंदर गए तो फंदे में खुशी का शव लटकता देखा। थानाध्यक्ष प्रविंदर राय पहुंचे। पुलिस की जांच में पता चला कि युवती मोबाइल पर किसी से बात काफी देर तक की है। फाॅरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए।