तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज लगातार चौथे दिन रविवार को भी 80 हजार क्युसेक से कम रहा। इससे पिपराघाट में बंधे के किनारे बसे पांच गांवों के लोग अब राहत महसूस करने लगे है।
उनका कहना है कि बंधे से सटे होने के कारण पिपराघाट के कई गांव बाढ़ व कटान के लिहाज से काफी संवेदनशील माने जाते है। गंडक का डिस्चार्ज जब भी बढ़ता है तो बांसी व गंडक नदी के दोआबे में स्थित इस गांव के कई टोले न केवल पानी से घिर जाते है, बल्कि बाढ़ और कटान का सर्वाधिक खतरा इन्ही गांवों को होता है। पिपराघाट स्थित नरवाजोत एक्सटेंशन के पास का किमी 0.500 से किमी 1.000 के बीच का पांच सौ मीटर का हिस्सा इस साल लगभग 20- 25 दिन तक गंडक नदी के कटान के जद में रहा है।