तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज 70 हजार क्यूसेक से नीचे आने के बाद तटबंधों से पानी का दबाव घटने लगा है। जवही दयाल में नदी की बैक रोलिंग फसलों पर खतरा बनी हुई है। नदी एक साप्ताह से धान व गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा रही है। किसानों का का कहना है कि इसके पहले नदी किमी 3.500 से किमी 4.000 के बीच धान, गन्ना और पेड़ पौधों को बर्बाद कर चुकी है।
सेवरही क्षेत्र में नरवाजोत से अहिरौलीदान तक बहने वाली गंडक नदी का डिस्चार्ज अब धीरे धीरे कम होने लगा है। शुक्रवार को सुबह यह घट कर 70 हजार क्यूसेक से नीचे आ गया, जिससे तटबंधों से नदी के पानी का दबाव भी घटने लगा है। क्षेत्र के पारसनाथ सिंह, ओमप्रकाश निषाद, कौशल चौहान, रमेश यादव आदि का कहना है कि इस क्षेत्र में नदी के उत्तरी भाग में सिल्ट जमा हो जाने से उसका रुख अब बांध की तरफ सीधा हो गया है। इसके चलते पानी का सारा दबाव दक्षिणी किनारे पर पड़ने से यहां एक सप्ताह से कटान का सिलसिला जारी है। नदी ने पहले जर्जर ठोकरों को निशाना बनाया। अब फसलों को जद में ले रही है। किसानों ने बताया कि अब तक 40 से 50 एकड़ में फसल बर्बाद हो चुकी है।