बस की जांच करते अधिकारी। स्रोत-सोशल मीडिया
पडरौना। अवैध परिवहन के नाम पर वसूली मामले में जीएसटी और परिवहन विभाग के दो चालकों नाम पुलिस की जांच में सामने आने के बाद विभागीय जिम्मेदारों की नींद उड़ गई है। वहीं इसमें सेठी ढाबा के संचालक और सहयोगियों को पूर्व में जेल भेज दिया गया है। मंगलवार को सेठी ढाबा के पास नियमों का उल्लंघन कर संचालित वाहनों की जांच की गई।
इसमें जीएसटी और परिवहन विभाग के अधिकारियों ने 19 वाहनों की जांच की। नौ बसों के परिवहन में कमी मिलने पर चालान किया। इस कार्रवाई से यातायात नियमों का उल्लंघन कर वाहन चलाने वाले संचालकों में खलबली मची रही।
एआरटीओ मोहम्मद अजीम ने बताया कि विभागीय और जीएसटी के अधिकारियों की तरफ से टीम गठित कर यातायात नियमों का उल्लंघन कर वाहनों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान जिन वाहनों में किसी भी तरह की कमी मिल रही है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
मंगलवार को एनएच-28 पर संचालित 19 वाहनों की जांच की। जांच के दौरान वाहनों की परमिट की वैधता, फिटनेस, ओवरलोड, ड्राइविंग लाईसेंस समेत अन्य प्रपत्रों की जांच की गई है। इसमें कमियां मिलने पर कुशीनगर जीएसटी के सहायक आयुक्त अंबरीश कुमार सिंह ने मुजहना हेमितपुर टोल प्लॉजा पर संचालन के दौरान विभिन्न प्रपत्रों में कमी मिलने पर नौ बसों को चालान कर दिया।