अहिरौलीदान गांव के कचहरी टोले पर गंडक के कटान से प्रभावित लोगों के घरों का सर्वे करने बुधवार को दो सदस्यीय पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं की टीम पहुंची। टीम ने कटान और इसके चलते तोड़े जा रहे पक्के घरों को देखा और अपनी रिपोर्ट तैयार की। टीम अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेगी।
कचहरी टोले के सामने पिछले साल से ही गंडक कटान कर रही है। पूर्व में जलस्तर कम होने पर कटान बंद हो गया था। परंतु बीते शुक्रवार को जैसे ही डिस्चार्ज 50 हजार क्यूसेक से ऊपर पहुंचा कटान फिर शुरू हो गया। इसके कारण बहुत से लोग बंधे पर शरण लिए हुए हैं। वहीं कई लोग अपना पक्का मकान भी तोड़ रहे हैं।
रविवार को ‘अमर उजाला’ द्वारा प्रमुखता से खबर को प्रकाशित करने के बाद डीएम मौके पर पहुंचे थे और लोगों को मदद का भरोसा दिलाया था। बुधवार को दोपहर में पीडब्ल्यूडी के दो जेई सुशील कुमार सिंह एवं प्रिंस मौर्य कुछ अन्य कर्मचारियों के साथ कचहरी टोले पर पहुंचे और कटान स्थलों का जायजा लिया। इस टीम ने कटान से प्रभावित 15 परिवारों की भी सूची बनाई। जेई सुशील कुमार सिंह ने बताया कि नदी की कटान से साधू सिंह, कमल सिंह, बलिस्टर गौड़, बंदा लाल सिंह, राजालाल सिंह, अदालत गौड़, ध्रुव यादव, हरगोविंद सिंह, हरिश्चन्द्र सिंह, हीरा सिंह, राजाराम सिंह, जनकदेव यादव, मोहन लाल यादव, कपिल सिंह एवं दिलीप सिंह के मकान प्रभावित हुए हैं। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
निरीक्षण करने पहुंची इस टीम के संबंध में सपा नेता अरविंद सिंह का दावा है कि बीते दिनों पूर्व विधायक डॉक्टर पीके राय ने मौके का निरीक्षण करने के बाद जिला प्रशासन के साथ-साथ प्रदेश सरकार को भी अवगत कराया था। उसी का संज्ञान लेते हुए लोक निर्माण विभाग की यह टीम पहुंची थी। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य अरविंद सिंह, कृष्ण सिंह, सतेंद्र सिंह सहित गांव तमाम लोग मौजूद थे।