पडरौना/तमकुहीरोड। छितौनी-तमकुहीरोड रेल परियोजना तेजी आ गई है। यह परियोजना अब धरातल पर उतरती दिखाई देने लगी है। यूपी के बेलवनिया क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर बिछाने के लिए स्लीपर (गाटर) गिराने का कार्य शुरू हो चुका है। इसके पहले कई पुलों व जटहा के जरार गांव के पास मॉडल स्टेशन के निर्माण के लिए भूमि चिन्हित की जा चुकी है।
फाइलों में बंद पड़ी परियोेजना को चालू करने के लिए सदन से लेकर रेल मंत्री से मिलकर कुशीनगर सांसद विजय दुबे की ओर से काफी प्रयास किया गया था। तब जाकर 18 साल बाद परियोजना को धरातल पर उतारने का कार्य शुरू हो सका। इस रेल परियोजना के पूरा हो जाने से यूपी बिहार का सर्वाधिक पिछड़ा क्षेत्र विकास की मुख्य धारा से जुड़ जाएगा। 20 फरवरी 2007 तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने जटहा, मधुबनी, धनहा, खैरा टोला, पिपरही होते हुए तमकुहीरोड तक रेल लाइन बिछाने की 62.5 किमी लंबी रेल परियोजना का शिलान्यास किया था।
इस परियोजना में 35.70 लाख घन मीटर मिट्टी कार्य, 10 बड़े व 47 छोटे पुलों का निर्माण और छितौनी से तमकुहीरोड के बीच पांच स्टेशनों का निर्माण कार्य प्रस्तावित था, लेकिन यह परियोजना लंबे समय तक अधर में लटका रहा। 2024 में पहली बार इस परियोजना के लिए बजट में 10 करोड़ का प्रावधान किया गया था, जबकि पिछले 2025 के बजट में इस परियोजना के लिए 477 करोड़ की धनराशि मंजूर की गई थी।
जिससे इस परियोजना के पंख लगने शुरू हो गए है और इस क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर कही जाने वाली परियोजना अब धरातल पर उतरती नजर आने लगी है, क्योंकि इसके पहले चरण में छितौनी से मधुबनी के बीच रेलवे ट्रैक पर बिछाने के लिए स्लीपर (गाटर) अब पिपरासी सीमा से सटे कटाई भरपुरवा के बेलवनिया क्षेत्र में गिराने का कार्य शुरू हो गया है, जबकि इसके पहले कई पुलों व जटहा के जरार गांव के पास मॉडल स्टेशन के निर्माण के लिए भूमि भी चिन्हित की जा चुकी है।
इस कार्य में आई तेजी से क्षेत्र के लोगों में काफी खुशी है, लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र सर्वाधिक पिछड़ा है और यहां के एक बड़ी आबादी को यातायात, बाढ़, रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं से जूझना पड़ता है। इस परियोजना के पूरा हो जाने से यह क्षेत्र भी विकास की मुख्य धारा से जुड़ जाएगा। वही सेवरही के पूर्व चेयरमैन श्यामसुंदर विश्वकर्मा, व्यापारी नेता मायाशंकर निर्गुणायत, अमरनाथ गुप्ता, छोटेलाल वर्मा, पप्पू जायसवाल, राहुल सोनी आदि का कहना कि इस परियोजना के पुरा होने से तमकुहीरोड को जंक्शन का दर्जा मिल जाएगा, जिससे न केवल स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का विस्तार होगा, बल्कि क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ाने और लंबी दूरी की ट्रेनों के सौगात का मार्ग भी प्रशस्त हो जाएगा। क्षेत्र के व्यापारियों ने आगामी बजट में भी इस परियोजना के लिए पर्याप्त बजट मिलने की उम्मीद जताई है।