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Kushinagar News: सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र की कथा सुनाई

Sat, 06 Jun 2026 03:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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लक्ष्मीगंज। क्षेत्र के पगार छपरा गांव स्थित संकटमोचन मंदिर परिसर में श्री रुद्र महायज्ञ में शुक्रवार को सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र की कथा सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए। कथा वाचक पंडित प्रदीप सागर ने कहा कि सभी को राजा हरिश्चंद्र से प्रेरणा लेते हुए सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजा हरिश्चंद्र किसी भी प्रकार का अवतार नहीं थे। लेकिन उनके गुण और त्याग पुरुषोत्तम राम और बाकी अवतारों से कम भी नहीं थे। गुरु विश्वामित्र ने राजा हरिश्चंद्र के सत्यवादी होने की परीक्षा लेनी चाही। उन्होंने राजा से कहा कि मैंने स्वप्न में देखा कि तुमने मुझे अपना सारा राज-पाट मुझे दे दिया है। राजा हरिश्चंद्र इतने दानवीर थे कि सपने वाली बात पर भी आपत्ति न जताते हुए अपना सारा राजपाट उनको दान में दे दिया। विश्वामित्र ने कहा तुमने मुझे जो कुछ सौंपा है, तुम्हारे पूर्वजों का है, जो तुम्हें तुम्हारे पूर्वजों से मिला है। अब मैं तुमसे दक्षिणा मांग रहा हूं, जो तुम्हारा अपना है।
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यह सुनकर राजा हरिश्चंद्र ने विश्वामित्र से थोड़ा समय मांगा और उसके बाद धन के लिए उन्होंने अपने बेटे रोहित और अपनी पत्नी तारा को एक ब्राह्मण को बेच दिया और खुद को एक चांडाल के हाथ बेचकर उसके यहां काम करने लगे। उन्होंने विश्वामित्र को दक्षिणा दी और फिर एक चांडाल की भांति दिन काटने लगे। राजा हरिश्चंद्र अपने धर्म पर अडिग रहे। इसलिए ईश्वर की अनुमति से विश्वामित्र ने हरिश्चंद्र का राजपाट उन्हें वापस लौटा दिया। वहीं बृहस्पतिवार की रात में रामलीला कलाकारों ने भस्मासुर वध का मंचन किया । इस मौके पर काशीनाथ पांडेय रामबचन सिंह, जय सिंह मनोज सिंह, कन्हैया चौधरी, धूप सिह, पवन सिंह, नरसिंह, शोभा सिंह मौजूद रहे।
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