प्रदेश की निचली अदालतें न्यायिक अधिकारियों की कमी से जूझ रही हैं। इसके चलते न्यायालयों में लंबित मुकदमों का बोझ बढ़ने से उनके निस्तारण में देरी हो रही है।
ये बातें इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने कहीं। वह शनिवार को सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से दीवानी न्यायालय कसया के परिसर में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि न्यायिक व्यवस्था की स्थिति सुधारने के लिए समाधान है, लेकिन आसान नहीं है। उन्होंने अधिवक्ताओं से कंप्यूटर की जानकारी रखने की बात भी कही।
समारोह को विशिष्ठ अतिथि सदस्य एवं पूर्व अध्यक्ष बार कौंसिल उत्तर प्रदेश अमरेंद्रनाथ सिंह, सदस्य एवं पूर्व उपाध्यक्ष बार कौंसिल उत्तर प्रदेश हरिशंकर सिंह, अध्यक्ष अधिवक्ता कल्याणार्थ समिति उत्तर प्रदेश रामाश्रय त्रिपाठी ने भी संबोधित किया।
इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप जलाकर की गई। सरस्वती शिशु मंदिर की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत की मनमोहक प्रस्तुति की।
अध्यक्षता बार के निवर्तमान अध्यक्ष उमेशचंद दत्त राय और संचालन ओंकारनाथ पांडेय व ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान दीवानी न्यायालय के न्यायिक अधिकारियों के अलावा जिलास्तरीय न्यायिक अधिकारी एवं अधिवक्ता राकेश कुमार सिंह, विजय प्रताप सिंह, संजय सिंह, दीनदयाल मल्ल, दिव्यप्रकाश मणि, सतीशदत्त पांडेय, राकेश श्रीवास्तव, बद्रीनारायण दुबे, राजेंद्र श्रीवास्तव, वामाचरण पांडेय, अवधेश पांडेय, सुरेंद्र किशोर श्रीवास्तव, अशोक सहित अन्य लोग मौजूद थे।