लक्ष्मीगंज। क्षेत्र के दिउलिहा मनियांछापर गांव के मनियांछापर टोला स्थित काली मंदिर परिसर में चल रहे नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ में बृहस्पतिवार को कथा वाचक भगवान श्रीराम के वनवास गमन की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि पिता के आदेश का पालन करना बेटे का धर्म है।
कथा वाचक मंशा पांडेय ने कहा कि जब राम को वनवास हुआ, तब पिता की आज्ञा का पालन करते हुए माता सीता और भ्राता लक्ष्मण के साथ वन चले गए। उन्होंने राम के त्याग, मर्यादा और धर्मपालन की कथा सुनाते हुए श्रीराम के आदर्श जीवन, कर्तव्यनिष्ठा और सत्य के प्रति समर्पण का वर्णन किया। इस दौरान आयोजक वशिष्ठ पांडेय, दिलीप सिंह, अजीत सिंह, महेंद्र पांडेय, राजकुमार प्रसाद, अक्षैबर प्रसाद, विनय पांडेय आदि मौजूद रहे।
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