पकवा इनार। डीएम ने कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर जिले के छह राजकीय आईटीआई कॉलेज के प्रधानाचार्य, उदित नारायण पीजी कॉलेज पडरौना के प्राचार्य व बुद्ध पीजी कॉलेज कुशीनगर के प्राचार्य, नोडल अधिकारी का अग्रिम आदेश तक वेतन बाधित कर दिया है। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने 17 जुलाई को इन सभी छह आईटीआई व दोनों पीजी कॉलेज को पत्र जारी कर बताया कि स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत तकनीकी सशक्तिकरण के लिए चयनित विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार टैबलेट्स, स्मार्टफोन वितरण के लिए दे दिया गया था। शत-प्रतिशत वितरण करने के लिए दूरभाष पर भी निर्देश दिया गया था। इसके लिए एडीएम वैभव मिश्र के नेतृत्व में 28 अप्रैल 2025 को बैठक कर वितरण सुनिश्चित कराने के लिए सभी को कहा गया था।
फिर भी नहीं होने पर 13 मई 2025 को स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला था। चयनित लाभार्थियों को समय से टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित नहीं करने पर शासन ने असंतोष व्यक्त किया है। सीएम डैश बोर्ड पर जिले की रैंकिंग खराब हो रही है। इसके बावजूद निर्धारित टैबलेट एवं स्मार्टफोन वितरित नहीं कराया जा सका। सरकार की योजना का क्रियान्वयन समय से पूर्ण नहीं कराने शासन, प्रशासन की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
यह घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता का द्योतक है। इसको गंभीरता से लेते हुए अवशेष टैबलेट एवं स्मार्टफोन के शतप्रतिशत वितरण तक आईटीआई कालेजों के प्रधानाचार्य व उदित नारायण पीजी कालेज व बुद्ध पीजी कॉलेज के प्राचार्य का वेतन बाधित कर दिया गया है। वहीं बुद्ध पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र का कहना है कि बुद्ध पीजी कॉलेज कुशीनगर में अवशेष टैबलेट का वितरण शत प्रतिशत किया जा चुका है। टैबलेट वितरण को लेकर डीएम की तरफ से स्पष्टीकरण मांगा गया था। उस क्रम में शत प्रतिशत टैबलेट वितरण की रिपोर्ट मुहैया कराकर वेतन निर्गत करने के लिए पत्र सौंपा जाएगा।