पिपरा बाजार। मारपीट के आरोप में देवरिया जिला कारागार में बंद बोधी गुप्ता की मौत से नाराज लोगों ने रविवार की सुबह बड़हरा गांव में तिराहे पर शव रखकर तीन घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। सड़क जाम रहने के कारण बड़हरा से पडरौना और मेला नगरी मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप रहा। प्रदर्शन करने वाले बोधी को बेगुनाह बताते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पडरौना के सीओ ने प्रकरण की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया।
बड़हरा निवासी बोधी गुप्ता वर्ष 2016 में गांव में हुई मारपीट के एक मामले में अन्य लोगों के साथ आरोपी थे। बीती जनवरी में बोधी को जमानत नहीं मिली और वह जेल भेज दिए गए थे। 11 अप्रैल को जेल में ही तबीयत खराब होने पर उन्हें देवरिया जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टर ने उन्हें मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। शनिवार की सुबह मेडिकल कॉलेज में बोधी की मौत हो गई। देर रात उनका शव घर लाया गया। परिवारवालों का कहना है कि मारपीट की घटना में बोधी शामिल ही नहीं थे। रंजिश की वजह से उन पर झूठा आरोप लगाया गया था। गांव के भी बहुत से लोग बोधी को मारपीट की घटना में निर्दोष बता रहे थे। प्रदर्शन करने वालों का कहना था कि घटना की विवेचना करने वाले जिम्मेदार ने अपने कर्तव्य का उचित ढंग से निर्वहन नहीं किया, अन्यथा बोधी के जेल जाने की नौबत ही नहीं आती।
रविवार की सुबह सात बजे बोधी के परिवार की महिलाएं और पुरुष मेला नगरी-बड़हरा-पडरौना तिराहे पर शव रखकर बैठ गए। उनकी मांग थी कि बोधी पर मारपीट का झूठा आरोप लगाने वाले व्यक्तियों और केस की विवेचना करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। तिराहे पर शव रखे जाने की जानकारी मिलते ही प्रदर्शन में गांव के भी बहुत से लोग शामिल हो गए। मौके पर किसी सक्षम अधिकारी के आने के बाद ही अंतिम संस्कार किए जाने पर यह लोग अड़े हुए थे। दिन के करीब 10 बजे पडरौना के सीओ पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बात की। उन्होंने प्रकरण की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को अंतिम संस्कार और जाम समाप्त करने के लिए राजी किया। जाम के कारण राहगीरों को काफी दिक्कतें हुईं।