गंडक नदी पर लगा पुल हटाते श्रमिक,संवाद
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खड्डा। नारायणी नदी के भैंसहा घाट पर बना पीपा पुल बाढ़ को देखते हुए हटा लिया गया है। नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव और धारा बदलने के कारण इस वर्ष पुल का समुचित लाभ लोगों को नहीं मिल सका। पुल हटने के बाद अब लोगों को नाव के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार जनवरी माह में भैंसहा घाट पर करीब 65 पीपों को जोड़कर पुल बनाया गया था। शुरुआती दिनों में आवागमन सुचारु रूप से चलता रहा, लेकिन अचानक जलस्तर बढ़ने से पुल के बाईं तरफ का एप्रोच ध्वस्त हो गया, जिससे यातायात बाधित हो गया। बाद में जलस्तर कम होने पर कुछ दिनों तक रुक-रुक कर आवाजाही होती रही। इसी बीच नदी ने फिर रुख बदल लिया और दूसरी धारा बहने लगी, जिससे पुल का संचालन प्रभावित हो गया। बाढ़ का मौसम नजदीक आने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से अब पीपा पुल को हटाकर सुरक्षित स्थान पर बांधा जा रहा है। भैंसहा घाट का यह पीपा पुल सही रहने पर खड्डा विकास खंड के हरिहरपुर, नरायणपुर, शिवपुर, बसंतपुर, मरचहवा तथा महाराजगंज जनपद के सोहगी बरवा, मटियारवां, भोथहा, मूजा टोला और नौका टोला सहित कई गांवों के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन था। पुल सही ढंग से संचालित नहीं होने से लोगों को नाव के सहारे नदी पार करनी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि नदी द्वारा बार-बार धारा बदलने और जलस्तर बढ़ने के कारण इस वर्ष पीपा पुल का पूरा लाभ क्षेत्रवासियों को नहीं मिल पाया। सुपरवाइजर दीवाकर पांडेय ने बताया कि बाढ़ के सीजन को देखते हुए पीपा हटाया जा रहा है।