कुशीनगर। जिले के कई थानों में संगीन मामलों में दर्ज मुकदमों में फरार कुख्यात पशु तस्कर और सरगना रियाज उर्फ ननकी को पुलिस उसके स्थानीय ठिकाने से लेकर बिहार तक ढूंढ़ती रही। परिजनों से पूछताछ किया और इसके घर पुलिस पहुंचकर दबाव बनाई, लेकिन टीम को लंबे समय से छकाता रहा तस्कर हाथ नहीं आ सका। इस बीच बढ़ते दवाब को देखते हुए कोर्ट में ननकी ने कप्तानगंज थाने में पशु तस्करी के दर्ज केस में सरेंडर कर दिया। ननकी पडरौना कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर भी है। कुशीनगर के पडरौना कोतवाली समेत कई थानों में केस दर्ज हैं। इसके अलावा अन्य जिलों में भी उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज थे।
गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र के महुआचाफी गांव में पशु तस्करों द्वारा की गई युवक की हत्या के बाद पुलिस सक्रिय हुई तो सबसे पहले कुख्यात तस्कर और सरगना पडरौना कोतवाली क्षेत्र के बसहिया बनवीरपुर निवासी रियाज उर्फ ननकी के घर कोतवाल ने पुलिस टीम के साथ दबिश दिया, लेकिन वह हाथ नहीं आया।
इसके बाद पुलिस ने उसके परिजनों से बातचीत कर फरार तस्कर को सरेंडर करने की बात कही। इसके बाद बढ़ते दवाब को देखते हुए पिछले दिनों कोर्ट में रियाज उर्फ ननकी ने सरेंडर कर दिया।पश्चिमी यूपी से लेकर बिहार तक पशुओं की तस्करी में ननकी का बड़ा हाथ माना जाता है।
पुलिस पर हमला करने और अन्य कई संगीन मामलों में वह फरार चल रहा था। इसके पहले भी इस वर्ष की शुरुआत में तत्कालीन पुलिस कप्तान संतोष मिश्रा ने ननकी पर एक्शन के लिए जाल बिछाया था और तत्कालीन सीओ सदर अभिषेक प्रताप अजेय को जिम्मेदारी सौंपी थी। पुलिस ने दबिश देना शुरू किया था तो ननकी ने हाईकोर्ट से स्टे लेकर तस्करी को अंजाम देना शुरू किया।
इसके खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में कई पशु तस्करी और पुलिस पर हमला करने का केस दर्ज है। दूसरे मामले में पुलिस ननकी को गिरफ्तार करने के लिए कुशीनगर से लेकर बिहार तक दौड़ लगाई, लेकिन शातिर तस्कर पुलिस के पहुंचने से पहले ठिकाना बदल दे रहा था। पुलिस के सामने ननकी का नेटवर्क मजबूत पड़ रहा था। सूत्रों की मानें तो गोरखपुर की घटना के बाद ननकी एक अधिवक्ता से सलाह लेने के बाद वह कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कप्तानगंज के थानाध्यक्ष चंद्रभूषण प्रजापति ने बताया कि ननकी पर पशु तस्करी का केस दर्ज है। इसकी तलाश पुलिस काफी दिनों से कर रही थी, वह कोर्ट में हाजिर हो गया है। जरूरत पड़ी तो पुलिस जेल में बयान दर्ज करने जा सकती है।